Chaitra Navratri 2021: अपनी राशि के अनुसार माता रानी को चढ़ाएं फूल, दूख-दर्द सारे होंगे दूर

2021-04-13T18:33:20.837

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
नवरात्रों में माता के उपासक इन्हें प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते हैं। कुछ लोग इन नौ दिनों में न केवल व्रत आदि रखते हैं बल्कि अनुष्ठान करते हैं, नौ दिन तक अपने घर में सप्तसती का पाठ रखवाते हैं। कलश स्थापना कर निंरतर तौर पर इनकी पूजा करते हैं। मान्यता है कि इन नौ दिनों में मां के विभिन्न रूपों की पूजा अति लाभदायक मानी जाती है। यही कारण है कि माता के भक्त इन्हें प्रसन्न करने का कोई संभव प्रयाल छोड़ते नहीं हैं। नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर आज हम आपको देवी दुर्गा को प्रसन्न करने का एक बहुत ही आसान उपाय बताने जा रहे हैं।

आप में से बहुत से लोग पूजा के दौरान मां को विभिन्न प्रकार के फूल अर्पित करते होंगे। मगर उनमें से बहुत कम लोग होंगे जो ये जानते होंगे जिन्हें ये पता होगा इन फूलों को अर्पित करने से व्यक्ति की कई प्रकार की इच्छाएं पूरी होती हैं। परंतु ये फूल जातक को अपनी राशि के अनुसार चढ़ाने चाहिए। अर्थात राशि के अनुसार किस जातक को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए, इस बात का ध्यान रखना चाहिए। माना जाता है ऐसा करना बहुत ही लाभदायक साबित होते है। चलिए विस्तार से जानते हैं इस बारे में- 

आमतौर बताया जाता है कि देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कमल, गुड़हल, गुलाब एनं कनेर प्रजातिों के सभी तरह के पुष्प शुभ होते हैं। जो व्यक्ति इनफूलों से देवी दुर्गा की पूजा करता है, उन पर मां अधिक प्रसन्न रहती हैैं। 

आपकी राशि के अनुसार कौन सा फूल मां को चढ़ाना शुभ होता है आइए जानते हैं- 

मेष राशि- गुड़हल, गुलाब, लाल कनेर, लाल कमल अथवा किसी भी तरह के लाल पुष्प मां भगवती को चढ़ाने से जातक मंगल जनित दोषों के कुप्रभाव से अपना बचाव कर सकता है।

वृष राशि- श्वेत कमल, गुडहल, श्वेत कनेर, सदाबहार, बेला, हरसिंगार आदि जितने भी श्वेत प्रजाति के पुष्प, देवी दुर्गा को अर्पित किए जा सकते हैं, इससे उनसे कुंडली में मौजूद शुक्र ग्रह को शुभता प्राप्त होती है। 

मिथुन राशि- मां की पूजा पीला कनेर, गुडहल, द्रोणपुष्पी, गेंदा और केवड़ा पुष्प से मां की आराधना की जा सकती हैं। इससे बुध ग्रह शुभ फल प्रदान करते हैं तथा अभीष्ट कार्य सिद्ध होते हैं। 

कर्क राशि- श्वेत कमल, श्वेत कनेर, गेंदा, गुडहल, सदाबहार, चमेली, रातरानी और अन्य जितने भी प्रकार के श्वेत और गुलाबी पुष्प होते हैं, इनसे भी देवी भगवती की पूजा की जा सकती है, इससे कुंडली में मौजूद चन्द्र जनित दोषों से जातक को बचाता है। 

सिंह राशि- इन राशि के लोग किसी भी तरह के पुष्प से कमल, गुलाब, कनेर, गुड़हल से मां की पूजन कर सकते हैं। मुख्य रूप से गुडहल का पुष्प मां दुर्गा को अति प्रिय है, इससे सूर्य को राहत मिलती है। 

कन्या राशि- गुड़हल, गुलाब, गेंदा, हरसिंगार एवं किसी भी तरह के अति सुगंधित पुष्प, इस राशि के लोग देवी मां को चढ़ा सकते हैं, इससे सभी तरह के मनोरथ पूर्ण होते हैं, तथा साथ ही साथ बुध न अन्य ग्रहों की अनुकूलत प्राप्त होती है। 

तुला राशि- श्वेत कमल श्वेत, कनेर, गेंदा, गुड़हल, जूही, हरसिंगार, सदाबहार, केवड़ा,बेला चमेली आधी पुष्पों से मां भगवती की आराधना करने से माता की अनुकूलता एवं शुक्र की कृपा प्राप्त होती है।

वृश्चिक राशि- किसी भी प्रजाति के लाल पुष्प, पीले पुष्प, एवं गुलाबी पुष्प से पूजा करके मां दुर्गा की कृपा प्राप्त की जा सकती है लाल कमल से पूजा कर पाएं तो घर परिवार में समृद्धि तो बढ़ेगी ही मंगल की कृपा भी प्राप्त होगी।

धनु राशि- कमल पुष्प, कनेर, गुड़हल, गुलाब, गेंदा, केवडा, और कनेर की सभी प्रजातियां के पुष्पों से मां का पूजन-अर्चन करने से मां का आशीर्वाद एवं बृहस्पति की कृपा मिल सकती है। अधिक शुभता प्राप्त की जा सकती है।

मकर राशि- नीले पुष्प, कमल, गेंदा, गुलाब, गुड़हल आदि से मां शक्ति की अर्चना करने से मां की कृपा दृष्टि मिलती है। साथ ही साथ शनि जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है। 

कुंभ राशि- इस राशि के लोगों को नीले पुष्प, गेंदा, सभी प्रकार के कमल, गुड़हल, बेला, चमेली, रातरानी, आदि से मां भगवती की आराधना करनी चाहिए, इससे शनिग्रह के दोष से मुक्त मिलती है तथा सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।

मीन राशि- मीन राशि के जातकों को नवरात्रों में देवी भगवती को पीले कनेर की सभी प्रजातियां, सभी प्रकार के कमल, गेंदा, गुलाब तथा गुड़हल की सभी प्रजातियों से पूजा करने पर मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा  बृहस्पति जन्य दोषों से भी छुटकारा मिलता है। 
 


Content Writer

Jyoti

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