भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को ‘भस्मासुर देश’ करार दिया, हिंदू पौराणिक कथा से जानें कौन था भस्मासुर राक्षस

punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 10:51 AM (IST)

जिनेवा (एजैंसी): भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए उसे ‘भस्मासुर देश’ करार दिया और कहा कि जब उसका ‘अपना ही राक्षस उसे डसता है’ तो वह हैरान रह जाता है। 

नई दिल्ली में बुधवार को यह बात इस्लामाबाद पर आतंकवादियों को ‘पनाह व प्रशिक्षण देने और उनका इस्तेमाल करने’ का आरोप लगाते हुए कही। 

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने कड़ी टिप्पणी तब की जब पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (ओ.आई.सी.) ने संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त की वार्षिक रिपोर्ट पर हुई चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया।

सिंह ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और ओ.आई.सी. की ओर से दिए गए संदर्भ के जवाब में भारत को उत्तर देने के इस अधिकार का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हम पाकिस्तान के निराधार और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं।’’ 

सिंह ने यह भी कहा कि पाकिस्तान वह देश है जिसके मौजूदा रक्षा मंत्री आतंकवादियों को पनाह व प्रशिक्षण देने और तैनात करने की बात गर्व से कहते हैं तथा इसे अपनी सरकारी नीति बताते हैं, फिर भी पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है।’

Demon Bhasmasura Story हिंदू पौराणिक कथा से जानें कौन था भस्मासुर राक्षस 
कहते हैं कि प्राचीन समय में श्रीखंड महादेव में एक भयानक राक्षस निवास करता था। उसने शिव की घोर तपस्या की और भगवान के प्रसन्न होने पर शिव से ऐसा वरदान प्राप्त किया जिसके बल पर वह जिसके सिर पर हाथ फेरता वह जलकर भस्म हो जाता। इस वरदान का दुरुपयोग कर उसने तमाम ऋषि-मुनियों को मार गिराया। राक्षस भस्मासुर नाम से प्रख्यात हुआ। जब उसके पाप का घड़ा भरने लगा तो वह पार्वती पर आसक्त हुआ और उसे प्राप्त करने के लिए शिव जी को ही मारने दौड़ पड़ा।

अहंकार में भस्मासुर भगवान शिव के ही पीछे पड़ गया। उसी दौरान भोलेनाथ को श्रीखंड पहाड़ों की गुफाओं में छिपना पड़ा।
राक्षस के डर से पार्वती यहां रो पड़ीं। उनके अश्रुओं से यहां नयनसरोवर का निर्माण हुआ। इसकी एक एक धार यहां से 25 किमी नीचे भगवान शिव की गुफा निरमंड के देव ढांक तक गिरती है। 

माना जाता है कि संकट के समय पार्वती ने भगवान विष्णु का आह्वान किया। भगवान विष्णु ने तुरंत पार्वती का रूप धारण कर भस्मासुर को अपनी ओर आकर्षित किया। पार्वती ने भस्मासुर को अपनी ही तरह नृत्य करने को विवश किया। नाचते-नाचते पार्वती रूप में भगवान विष्णु ने अपने सिर पर हाथ फेरा, नकल करते हुए भस्मासुर का हाथ ज्यों ही सिर पर गुजरा उसी क्षण वह भस्म हो गया। 

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Content Writer

Niyati Bhandari

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