Bhadrapada Month 2026 Start and End Date: आज से शुरू हो रहा है भादो का महीना, दूर होंगे जीवन के सारे विघ्न
punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2026 - 11:21 AM (IST)
Bhadrapada Month 2026: हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है लेकिन सावन के ठीक बाद आने वाला भाद्रपद मास (Bhadrapada Month) जिसे आम बोलचाल में 'भादो' (Bhado) भी कहा जाता है, आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। चातुर्मास के इस दूसरे महीने में भगवान विष्णु, भगवान गणेश और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना का विशेष विधान है।

Bhadrapada Month 2026 Start and End Date कब से शुरू और कब समाप्त होगा भाद्रपद मास 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में चंद्र महीनों की गणना दो अलग-अलग तरीकों से की जाती है। पूर्णिमान्त पंचांग और अमान्त पंचांग। उत्तर भारत में मुख्य रूप से पूर्णिमान्त पंचांग का पालन किया जाता है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में भाद्रपद मास की शुरुआत 29 अगस्त 2026 (शनिवार) से हो रही है, जिसका समापन 26 सितंबर 2026 (शनिवार) को भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगा।

Significance of Bhado Month भाद्रपद मास का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद शब्द का अर्थ है भद्र यानी कल्याणकारी और पद यानी स्थान या पैर अर्थात वह महीना जो जीवन में कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाता है।

भाद्रपद मास का हिंदू धर्म में अधिक महत्व है। भगवान शंकर के प्रिय मास सावन के ठीक बाद पड़ने वाले भाद्रपद के इस महीन में गणेश जी की पूजा अति लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि इस माह में गणेश चतुर्थी के साथ-साथ कलंक चतुर्थी का पर्व भी पड़ता है। यूं तो इस मास में श्री कृष्ण की जन्माष्टमी के साथ-साथ अन्य कई और भी त्यौहार आते हैं जिस कारण इसे धार्मिक रूप से बहुत लाभकारी माना जाता है। मगर विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा इस दौरान विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त करवाती हैं।
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो जिस तरह श्रावण के महीने में वातावरण शिव मय हो जाता है, ठीक वैसे ही भाद्रपद के आरंभ के साथ ही गणपति बप्प मोरया की धूम मच जाती है। इस मास में गणेश भगवान की आराधना करने से जातक के सभी तरह के कार्यसिद्ध हो जाते हैं।

हिंदू धर्म के शास्त्रों में वर्णन मिलता है, 'कलौ चंडी विनायकौ'
अर्थात कलयुग में मां चंडी और गणेश की पूजा का महत्व सर्वाधिक एवं अतिशीघ्र फल देने वाला रहेगा। साथ ही इसमें बताया गया है कि पंच महाभूतों में गणेश जी जल तत्व प्रधान हैं इसीलिए रस, जिह्वा और गीलापन, जलतत्व की प्रधानता पर गणेश जी का वास है। इस माह में श्री गणेश को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाई जा सकती है।

