Bhadrapada Kalashtami 2026 : भाद्रपद कालाष्टमी कब है, जानें सही तारीख और पूजा विधि

punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 06:15 PM (IST)

Bhadrapada Kalashtami 2026 : हिंदू धर्म में हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के अत्यंत तेजस्वी और रोद्र रूप भगवान कालभैरव को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से कालभैरव की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आ रही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मन की हर मुराद पूरी होती है। साथ ही इस माह में किए गए व्रत-पूजन से भय, मानसिक तनाव, ग्रह दोष और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। तो आइए  जानते हैं भाद्रपद के कालष्टमी तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

Bhadrapada Kalashtami 2026

भाद्रपद कालाष्टमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त 
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 सितंबर 2026 को सुबह 02 बजकर 25 मिनट से होगी और इसका समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर कालाष्टमी का व्रत 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।

Bhadrapada Kalashtami 2026

कालाष्टमी पूजा विधि

कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।

शाम या रात के समय पूजा स्थान पर एक वेदी तैयार करें। उस पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान कालभैरव की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

कालभैरव जी के समक्ष सरसों के तेल या तिल के तेल का दीपक जलाएं और भगवान भैरव को लाल चंदन, अक्षत, काले तिल, उड़द की दाल, गुलाल और लाल फूल अर्पित करें।

उसके बाद कालभैरव जी को जलेबी, इमदाती, मालपुआ, गुड़ या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

पूजा के दौरान कालभैरव के मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें। साथ ही कालभैरव अष्टकम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है।

अंत में भगवान शिव और कालभैरव जी की आरती करें और जाने-अनजाने हुई भूल की क्षमा मांगें।

Bhadrapada Kalashtami 2026

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Content Editor

Sarita Thapa

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