Ardh Kumbh Mela Haridwar 2027 : कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित करने की मांग, गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं पर रोक की तैयारी
punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 10:05 AM (IST)
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Ardh Kumbh Mela Haridwar 2027 : हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र का दर्जा देने की मांग के बीच अब गंगा सभा और संत समाज ने एक और मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उनका कहना है कि कुंभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए। यह मांग केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोग, मीडिया प्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य भी शामिल हों।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम का कहना है कि सनातन परंपराओं, गंगा मां की धार्मिक गरिमा और हरकी पैड़ी की पवित्रता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, ऐसे में कुंभ क्षेत्र के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं की मौजूदगी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग का कोई भी गैर-हिंदू कर्मचारी हरकी पैड़ी और आसपास के घाट क्षेत्रों में प्रवेश न करे।
नितिन गौतम ने स्पष्ट किया कि यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे वह प्रशासनिक अधिकारी हों, मीडियाकर्मी हों या किसी संस्था से जुड़े लोग। उनका तर्क है कि वर्ष 1916 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा बनाए गए नियम भी इसी भावना पर आधारित थे, जिनमें हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का उल्लेख है। इन प्रावधानों को संवैधानिक अधिकारों के दायरे में प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
गंगा सभा की ओर से यह भी मांग की गई है कि हरकी पैड़ी और आसपास के सभी गंगा घाटों पर स्पष्ट रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध’ लिखे सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा बनी रहे और प्रशासन इस विषय में पूरी सतर्कता बरते।
इस बीच, सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। मंगलवार को हरकी पैड़ी पर हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए नितिन गौतम ने बताया कि दो युवक अरब शेख जैसी वेशभूषा में घाट क्षेत्र में घूमते हुए वीडियो बनाते पाए गए थे। उनका आरोप है कि कुछ लोग भेष बदलकर इलाके में प्रवेश कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि पुलिस जांच में बाद में दोनों युवक हिंदू पाए गए लेकिन इस घटना ने घाट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
