April Pradosh Vrat 2026: महादेव को समर्पित प्रदोष व्रत अप्रैल में बुध प्रदोष और भौम प्रदोष का विशेष संयोग, जानें सही तिथि और पूजा का समय
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 01:20 PM (IST)
April Pradosh Vrat 2026 Date and Muhurat: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। त्रयोदशी तिथि के दिन रखे जाने वाले इस व्रत को करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हर महीने दो प्रदोष व्रत आते हैं एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष में। जिस दिन यह व्रत पड़ता है, उसी वार के अनुसार इसका नाम रखा जाता है। जैसे सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहा जाता है। आइए जानते हैं अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत की सही तिथियां और पूजा मुहूर्त—

अप्रैल 2026 का पहला प्रदोष व्रत (बुध प्रदोष)
अप्रैल माह का पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को रखा जाएगा। बुधवार के दिन पड़ने के कारण इसे बुध प्रदोष कहा जाएगा। बुध ग्रह से संबंधित यह व्रत बुद्धि, वाणी और व्यापार में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

बुध प्रदोष व्रत मुहूर्त:
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: सुबह 12:12 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: रात 10:31 बजे
पूजा का शुभ समय: शाम 06:56 बजे से रात 09:13 बजे तक
अप्रैल 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत (भौम प्रदोष)
अप्रैल माह का दूसरा प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। मंगलवार को पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से ऋण मुक्ति, भूमि-भवन विवाद और मंगल दोष से राहत के लिए लाभकारी माना जाता है।

भौम प्रदोष व्रत मुहूर्त:
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: शाम 06:51 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 29 अप्रैल को शाम 07:51 बजे
पूजा का शुभ समय: शाम 07:00 बजे से रात 09:14 बजे तक
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस समय महादेव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

