Vat Savitri Vrat Aarti And Mantra : व्रट सावित्री व्रत में करें जरूर पढ़े ये पावन मंत्र और आरती, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 10:09 AM (IST)
Vat Savitri Vrat Aarti And Mantra : हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का बहुत महत्व है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। इस साल वट सावित्री का व्रत 16 मई, 2026 यानी आज के दिन रखा जा रही है। माना जाता है कि इस सच्चे मन से बरगद के पेड़ की पूजा करने और माता सावित्री और सत्यवान का ध्यान करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है। साथ ही अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पति की लंबी आयु होती है। इस दिन पूजा करते समय कुछ मंत्रों का जाप करने और आरती करने से शुभ फलों का प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन वट सावित्री व्रत का फल पाने के लिए कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए।
वट सावित्री व्रत पूजा में करें इन मंत्रों का जाप
'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'
'ॐ सती सावित्र्यै नमः'
'ॐ सौभाग्य प्रदायिन्यै नमः'
Savitri Mata ki Aarti माता सावित्री की आरती
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री
तुम ही रक्षक सबका, प्राणों का तुम प्राण
भक्तजन मिले सारे, नित्य करें तेरा ध्यान
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
भक्त तरसे तुम हो सभी विधि करें उपकार
अंतर्मन से सुमिर लो, सुने वो तभी पुकार,
ओम जय जय सावित्री
भक्तों का दुख भंजन रक्षा करें आठों याम,
दिव्य ज्योति तुम्हारी, रहें सदा अविराम
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
चारों विधि के मंत्रों का गुरु मंत्र तुम्हे कहते।
ऋषि मुनि योगी सारे गुणगान तुम्हारा करें।
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री
हृदय विराजो हे मां, भटक न जाऊं किसी ओर
ले लो अपनी शरण में, न छूटे कभी डोर।
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री
