Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 : मई में कब रखा जाएगा एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और चंद्रमा निकलने का समय
punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 02:30 PM (IST)
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 : सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का बहुत खास महत्व है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी की समर्पित है। हर महीने आने वाली यह चतुर्थी को बहुत फलदायी होती है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से गणेश जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर हो जाती है। साथ ही शुभ फलों का प्राप्ति होती है। मई 2026 में संकष्टी चतुर्थी को लेकर कई लोगों के मन में यही सवाल है कि व्रत 5 मई को रखा जाए या 6 मई को। तो आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

एकदंत संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2026
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इसका समापन 6 मई को सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदयातिथि और चंद्रोदय के आधार पर संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 मई को रखा जाएगा।
एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय
संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह और शाम दोनों समय गणेश जी की पूजा करें। उसके बाद रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें। संकष्टी चतुर्थी का चांद 5 मई 2026 को रात 10 बजकर 35 मिनट पर निकलेगा। संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत पूर्ण माना जाता है।

संकष्टी चतुर्थी का महत्व
संकष्टी चतुर्थी हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। गणेश जी की कृपा वपाने के लिए सयह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से गणेस जी की पूजा करने से व्रत रखने से जीवन में आ रही किसी काम में रुकावटें दूर होती है। साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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