Maha Shivratri 2026 : शमी के पत्तों से खुलेंगे भाग्य के द्वार, महाशिवरात्रि पर करें ये 4 उपाय

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 03:05 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा और पवित्र दिन माना जाता है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का उत्सव विशेष संयोगों के साथ आ रहा है, जो भक्तों के लिए कष्टों से मुक्ति और भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए वैसे तो बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित की जाती है लेकिन शास्त्रों में शमी के पत्तों का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शमी के पत्तों में शिव और शनि दोनों की कृपा समाहित होती है। महाशिवरात्रि पर शमी के पत्तों से किए गए कुछ विशेष उपाय न केवल दरिद्रता दूर करते हैं, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी नष्ट कर देते हैं। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर शमी के पत्तों के वे 4 चमत्कारी उपाय, जो आपके भाग्य को चमका सकते हैं।

Maha Shivratri 2026

महाशिवरात्रि पर शमी के पत्तों के 4 अचूक उपाय

सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए
यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता, तो महाशिवरात्रि के दिन यह उपाय जरूर करें। महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में किसी शिव मंदिर जाएं। 11 या 21 शमी के पत्ते लें और उन्हें साफ पानी से धो लें। प्रत्येक पत्ता शिवलिंग पर चढ़ाते समय ॐ नमः शिवाय का जाप करें। अंत में महादेव से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की प्रार्थना करें। इससे घर में बरकत आती है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।

शनि दोष और बाधाओं से मुक्ति के लिए
अगर आपके काम बार-बार रुक जाते हैं या आप शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं, तो महाशिवरात्रि का दिन इसके निवारण के लिए सर्वोत्तम है। तांबे के लोटे में गंगाजल और थोड़ा सा काला तिल मिलाएं। सबसे पहले शिवलिंग का जलाभिषेक करें। उसके बाद शमी के वृक्ष के पास जाकर वहां एक घी का दीपक जलाएं। फिर शमी के कुछ पत्ते तोड़कर उत्तर दिशा की ओर मुख करके शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे शनि जनित पीड़ा शांत होती है और जीवन के अवरोध समाप्त होते हैं।

Maha Shivratri 2026

रोगों से मुक्ति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए
यदि परिवार में कोई लंबे समय से बीमार है, तो शमी के पत्तों का यह उपाय संजीवनी की तरह काम कर सकता है।  महाशिवरात्रि की शाम में शमी के पत्तों को गाय के कच्चे दूध में भिगो दें। इन पत्तों को शिवलिंग पर एक-एक करके अर्पित करें और 'महामृत्युंजय मंत्र' का मानसिक जाप करें। अर्पित किए हुए पत्तों में से एक पत्ता प्रसाद के रूप में घर लाएं और बीमार व्यक्ति के सिरहाने रखें। महादेव की कृपा से स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है और मानसिक शांति मिलती है।

विवाह और पारिवारिक कलह दूर करने के लिए
वैवाहिक जीवन में तनाव हो या विवाह में देरी हो रही हो, तो महाशिवरात्रि पर शमी का यह उपाय अत्यंत फलदायी है। शमी के पत्तों के साथ थोड़ा सा सफेद चंदन और लाल गुलाब के फूल लें। माता पार्वती और भगवान शिव का गठबंधन करते हुए शमी के पत्ते और फूल अर्पित करें। इस दौरान "ॐ गौरीशंकराय नमः" मंत्र का जाप करें।  इससे विवाह के योग जल्दी बनते हैं और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
Maha Shivratri 2026


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Prachi Sharma

Related News