तीसरे मंगला गौरी व्रत पर खुलेगा सौभाग्य का द्वार, इस मुहूर्त और विधि से करें शिव-पार्वती पूजन

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 04:36 PM (IST)

3rd Mangla Gauri Vrat 2026 : हिंदू धर्म में सावन के महीने में आने वाले हर मंगलवार का बहुत खास महत्व है, क्योंकि सावन के हर मंगलवार मां पार्वती को समर्पित मां मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी शादीशुदा महिलाएं इस दिन सच्चे मन और विधि-विधान के साथ मां मंगला गौरी की पूजा करती हैं। उनके पति की लंबी उम्र होती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  इसके साथ ही कुंवारी कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए मंगला गौरी व्रत करती हैं। इस साल सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत 18 अगस्त, 2026 को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं तीसरे मंगला गौरी के शुभ मुहूर्त  औरपूजा विधि के बारे में-

 मंगला गौरी व्रत शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त – 04 बजकर 25 मिनट से 05 बजकर 08मिनट तक 
प्रातः सन्ध्या – 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 52 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त – 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक
विजय मुहूर्त – 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – 06 बजकर 58 मिनट से 07 बजकर 20 मिनट तक
सायाह्न सन्ध्या – 06 बजकर 58 मिनट से 08 बजकर 03 मिनट तक
अमृत काल – 09 बजकर 19 मिनट से 11बजकर 02 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – 12 बजकर 03 मिनट से 19 अगस्त 12 बजकर 47 मिनट तक 
रवि योग – पूरे दिन

मंगला गौरी व्रत पूजा विधि 

मंगला गौरी व्रत करने वाली महिलाओं और कन्याएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। 

इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें और माता पार्वती और शिव जी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता पार्वती  और शिव जी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। 

माता पार्वती और शिव जी की प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं और माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। 

अंत में  फल और मिठाई का भोग लगाएं और आरती कर पूजा संपन्न करें। 


 


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Content Editor

Sarita Thapa

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