भारत में लाइफ कोचिंग का नया युग: स्नेह देसाई कैसे बना रहे हैं लाखों जिंदगियों में स्थायी बदलाव

punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 02:15 PM (IST)

नई दिल्लीः पिछले कुछ वर्षों में भारत में पर्सनल डेवलपमेंट और लाइफ कोचिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ी है। आज लोग केवल मोटिवेशन तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव चाहते हैं। करियर, रिश्ते, स्वास्थ्य और आर्थिक दबावों के बीच लोग ऐसी मार्गदर्शन प्रणाली की तलाश में हैं जो उन्हें स्पष्ट दिशा और व्यावहारिक समाधान दे सके।


इसी बदलते दौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध लाइफ और बिज़नेस कोच स्नेह देसाई ने भारत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 26 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने अब तक भारत और विदेशों में 26 लाख से ज़्यादा लोगों का मार्गदर्शन किया है। उनके कार्यक्रमों से छात्र, गृहिणियाँ, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट लीडर्स, खिलाड़ी और बिज़नेस ओनर्स सभी लाभान्वित हुए हैं।
स्नेह देसाई की यात्रा बचपन से ही सीख और आत्म-विकास से जुड़ी रही है। बहुत कम उम्र में उन्होंने ध्यान, अवचेतन मन, योग और भगवद गीता जैसे पवित्र ग्रंथों का अध्ययन शुरू कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक शिक्षा और तकनीक को भी अपनाया और दुनिया के सबसे कम उम्र के माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स में शामिल हुए। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक सोच का यही संतुलन उनकी कोचिंग की मूल पहचान है।


वे एक सफल लेखक भी हैं और अब तक 12 किताबें लिख चुके हैं। उनकी चर्चित पुस्तकें “चेंज योर लाइफ” और “अल्टीमेट सीक्रेट्स टू वेल्थ” (विश्व प्रसिद्ध विचारक ब्रायन ट्रेसी के साथ लिखी गई) लोगों को जीवन और धन से जुड़े व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। स्टेज पर बोलने के साथ-साथ वे एक सफल उद्यमी भी हैं और कई व्यवसायों के साथ कोच के रूप में काम कर रहे हैं। स्नेह देसाई का प्रमुख कार्यक्रम ‘चेंज योर लाइफ’ (CYL) वर्कशॉप आज भारत के सबसे प्रभावशाली सेल्फ-डेवलपमेंट प्रोग्राम्स में गिना जाता है। यह वर्कशॉप देश के 23 शहरों में आयोजित की जा चुकी है और इसमें माइंडसेट, पैसा, रिश्ते, स्वास्थ्य, नेतृत्व और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर गहराई से काम किया जाता है। अब तक 1000 से अधिक मुफ्त सेमिनार और सैकड़ों वर्कशॉप्स आयोजित हो चुकी हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छी पहचान बनी है।


जो बात स्नेह देसाई को खास बनाती है, वह यह है कि वे बदलाव को केवल समझाने में नहीं, बल्कि उसे अनुभव कराने में विश्वास रखते हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने 100 से अधिक लोगों को एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर ले जाकर मानसिक मजबूती और आत्म-विश्वास विकसित करने का अवसर दिया। यह कठिन यात्रा लोगों को अपनी अंदरूनी शक्ति पहचानने में मदद करती है। उनके योगदान को कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा डिजिटल कोच एक्सपर्ट अवॉर्ड, भारत निर्माण अवॉर्ड, टाइम्स ऑफ इंडिया से कूल गुरु की उपाधि और दैनिक भास्कर द्वारा मैजिशियन ऑफ वर्ड्स का खिताब मिल चुका है। उनके कार्यों को 135 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्थान मिला है।


इस व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में शिवांगी देसाई की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वे भारत की नंबर वन हेल्थ और न्यूट्रिशन कोच हैं और फिट भारत मिशन की सह-संस्थापक भी हैं। उनका कार्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेहतर जीवनशैली अपनाने में सहायक है, जो स्नेह देसाई के माइंडसेट और परफॉर्मेंस वर्क को और मजबूत बनाता है। जैसे-जैसे ‘चेंज योर लाइफ’ आंदोलन आगे बढ़ रहा है, इसके आगामी संस्करण—जैसे सूरत में होने वाली मेगा वर्कशॉप—हज़ारों लोगों को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर देंगे। प्राचीन ज्ञान, आधुनिक सोच और अनुभव आधारित प्रशिक्षण के साथ स्नेह देसाई आज भी लाखों लोगों को अपनी असली क्षमता पहचानने और एक संतुलित, सफल व उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं।


 


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Content Editor

Sahil Kumar

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