chandra grahan photo: देश-दुनिया में ग्रहण की झलक: कहां कैसा दिखा चांद? देखें दुर्लभ तस्वीरें

punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 07:11 AM (IST)

भूमिका: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण अपनी अमिट यादें छोड़कर समाप्त हो गया है। बीती शाम आसमान एक अनोखे रंग में रंगा नजर आया, जहां चंद्रमा ने दूधिया सफेद चोला छोड़कर 'ब्लड मून' (सुर्ख लाल) का रूप धारण कर लिया। विज्ञान और आस्था के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए छतों और घाटों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भारत के पूर्वी राज्यों से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक, यह ग्रहण न केवल दृश्यमान था, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा।

देश-दुनिया में ग्रहण की झलक: कहां कैसा दिखा चांद?

भारत के अलग-अलग हिस्सों और वैश्विक स्तर पर ग्रहण का प्रभाव कुछ इस प्रकार रहा:

  • पूर्वी भारत में दस्तक: सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में ग्रहण का दुर्लभ दृश्य दिखाई दिया।

  • उत्तर भारत का नजारा: Delhi-NCR और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शाम के समय चंद्रमा का गहरा लाल रंग (ब्लड मून) चर्चा का विषय बना रहा।

  • चंडीगढ़ और कोलकाता: चंडीगढ़ में 'ब्लड मून' ने रात के आकाश को रोशन किया, वहीं कोलकाता में 'खंडग्रास' (आंशिक) चंद्र ग्रहण की लुका-छिपी देखने को मिली।

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर: अमेरिका के फ्लोरिडा, चीन के बीजिंग और मध्य अमेरिका के पनामा शहर से भी इसकी शानदार तस्वीरें सामने आईं। ऑस्ट्रेलिया में भी लोगों ने इस खगोलीय घटना का आनंद लिया।

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 मंदिरों में शुद्धिकरण और 'मोक्ष काल'

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समापन के साथ ही शुद्धिकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई:-

  • महाकाल में सफाई: शाम लगभग 07:51 बजे ग्रहण खत्म होते ही उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर को जल से धोकर शुद्ध किया गया।

  • मोक्ष काल का समय: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण का मोक्ष काल शाम 07:53 PM पर समाप्त हुआ। इसी समय चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया से बाहर निकल आए।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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