दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ने अमेरिका स्थित कंपनी के साथ किया 12.4 अरब डॉलर का सौदा

4/10/2021 2:51:52 PM

नई दिल्लीः दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कहा है कि उसने अमेरिका स्थित ईआईजी ग्लोबल एनर्जी पार्टनर्स के नेतृत्व में निवेशकों के कंसोर्टियम के साथ 12.4 अरब डॉलर का सौदा किया है। इस सौदे के तहत निवेशक समूह को अरामको के पाइपलाइन कारोबार में 49 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी। यह अरामको द्वारा साल 2019 के अंत में सूचीबद्ध होने के बाद की गई पहली बड़ी डील है। दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक पेशकश के तहत आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए सऊदी सरकार ने 29.4 अरब डॉलर में फर्म की कुछ हिस्सेदारी बेची थी।

नई कंपनी में अरामको की 51 फीसदी हिस्सेदारी 
ईआईजी के नेतृत्व वाले समूह ने अरामको के साथ एक लीज और लीज-बैक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे नवगठित अरामको ऑयल पाइपलाइन में इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की गई है। नई कंपनी में अरामको की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी। कंपनी ने शुक्रवार देर रात एक बयान में कहा कि, 'अरामको को लगभग 12.4 अरब डॉलर की अग्रिम आय प्राप्त होगी। वैश्विक स्तर के इस सबसे बड़े ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर सौदे के माध्यम से कंपनी अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करेगी।' 

लगातार कम हो रहा है अरामको का मुनाफा 
ईआईजी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम की सहायक कंपनी में 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी। लेकिन अरामको ने कहा कि वह पूर्ण स्वामित्व और परिचालन नियंत्रण बनाए रखेगी। यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब अरामको के मुनाफे में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण 2020 में अरामको के शुद्ध लाभ में 44.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मालूम हो कि ईआईजी एक निवेश फर्म है, जिसने दुनिया भर में ऊर्जा और ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं में 34 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। 

रिलायंस की दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी से बातचीत 
मालूम हो कि काफी समय से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के साथ 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बातचीत कर रही थी। लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह डील रुक गई थी। कंपनी के तेल-से-रसायन व्यवसाय का मूल्यांकन 75 अरब डॉलर किया गया था। 15 जुलाई 2020 को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के चलते बनी अभूतपूर्व परिस्थितियों के चलते सऊदी अरामको के साथ प्रस्तावित डील समय से नहीं हो पा रही है लेकिन हम सऊदी अरामको के साथ अपने दो दशक से ज्यादा के कारोबारी संबंधों का सम्मान करते हैं और उसके साथ लंबी अवधि की भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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