क्या सच में 1 लाख डॉलर तक जाएगा सोने का भाव? Robert Kiyosaki की पोस्ट से मची खलबली
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 04:02 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः मशहूर किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बाजार में कभी भी बड़ा क्रैश आ सकता है लेकिन ऐसे समय में सोना और चांदी निवेशकों के लिए बड़े मुनाफे का जरिया बन सकते हैं।
कियोसाकी ने सोशल मीडिया पोस्ट में पोस्ट में लिखा, 'दिग्गज मार्केट रणनीतिकार Jim Rickards का मानना है कि भविष्य में सोना 1 लाख डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।' जबकि वर्तमान में यह लगभग 4,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास है यानी कीमत में सीधे-सीधे 22 गुना इजाफा। यह अनुमान चौंका देने वाला है। इसी तरह, उन्होंने चांदी के 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई है, जबकि इसका मौजूदा स्तर करीब 75 डॉलर प्रति औंस है।
उन्होंने कहा कि अच्छे निवेशक वही होते हैं जो भविष्य के जोखिमों को पहले पहचानकर सही समय पर कदम उठाते हैं। कियोसाकी के मुताबिक, आने वाले आर्थिक संकट में हर व्यक्ति नुकसान नहीं उठाएगा, बल्कि सही रणनीति अपनाने वाले लोग और ज्यादा अमीर बन सकते हैं।
आर्थिक अनिश्चितता से बढ़ी चिंता
दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने आर्थिक माहौल को अस्थिर बना दिया है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोना-चांदी की मांग को समर्थन मिल रहा है।
‘क्रैश से डरिए नहीं, मौके पहचानिए’
कियोसाकी का कहना है कि आर्थिक संकट केवल नुकसान ही नहीं लाते, बल्कि सही रणनीति अपनाने वालों के लिए कमाई के नए अवसर भी पैदा करते हैं। उनके मुताबिक, समझदार निवेशक वही हैं जो जोखिम को पहले पहचानकर अपनी स्थिति मजबूत कर लेते हैं।
गोल्ड और सिल्वर में बढ़ता भरोसा
पिछले कुछ वर्षों में कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाए हैं, जिससे डॉलर पर निर्भरता घटाने की कोशिश हो रही है। वहीं, चांदी का इस्तेमाल सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ने से इसकी मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
‘1 लाख डॉलर सोना’ कितना वास्तविक?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की इतनी बड़ी कीमत का अनुमान काफी एग्रेसिव हैं और यह तभी संभव हो सकता है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में गंभीर वित्तीय संकट पैदा हो। हालांकि, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सोना और चांदी को लेकर निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
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