Why Suddenly Slide Crash: चांदी में बड़ी गिरावट, अचानक क्यों फिसले दाम? निवेशकों के लिए क्या है Expert की सलाह
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 10:49 AM (IST)
Why Suddenly Slide Crash: इस साल चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली हैं। चांदी अपने हाई लेवल के काफी नीचे आ गई है। इस साल अब तक इसमें 23% की गिरावट आई है, अकेले जून के महीने में ही चांदी 22% तक टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी जनवरी में 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर थी, जो अब गिरकर 58 डॉलर के आसपास आ गई है। भारत में भी इसका भाव करीब 2,17,488 रुपए प्रति किलो चल रहा है। ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा स्तर पर निवेश करें या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए।
अचानक क्यों फिसले दाम
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के सस्ते होने के पीछे सबसे बड़ा कारण खाड़ी देशों में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ जाती है। इसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी देखने को मिलता है।
अमेरिकी ब्याज दरों का दबाव
चांदी और कच्चे तेल का वैश्विक कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ती है और वह मजबूत होता है। वहीं, महंगाई को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की संभावना भी निवेशकों का रुख बदल देती है। अभी ब्याज दरें 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच हैं लेकिन सितंबर में इनके और बढ़ने की उम्मीद है। एसे में कई निवेशक सोने-चांदी से अपना पैसा निकालकर डॉलर में लगाने लगते हैं। डॉलर की इसी मजबूती के कारण चांदी पर दबाव बन रहा है और कीमतें नीचे आ रही हैं।
औद्योगिक मांग बनी हुई है मजबूत
कीमतों में गिरावट के बावजूद चांदी की औद्योगिक मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेक्टर और डेटा सेंटर्स में चांदी का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मांग, आपूर्ति से अधिक बनी रह सकती है, जिससे लंबी अवधि में चांदी को समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार जानकारों का कहना है कि फिलहाल कोई ऐसा बड़ा कारण नहीं है जो चांदी में अचानक तेजी ला सके। जब तक सितंबर में अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का डर खत्म नहीं होता या कच्चे तेल के दाम नीचे नहीं आते, तब तक चांदी इसी भाव के आसपास रह सकती है। अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर माना जा सकता है।
