Why Market Down Today: रिकॉर्ड हाई के बाद अचानक क्यों टूटा शेयर बाजार? जानें 3 बड़े कारण

punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 03:33 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः सोमवार, 5 जनवरी को भारतीय शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए।

सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38% गिरकर 85,439.62 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 78.25 अंक या 0.30% टूटकर 26,250.30 के स्तर पर पहुंच गया।

 

बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण
 

आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली

आज बाजार की सबसे बड़ी कमजोरी आईटी सेक्टर में देखने को मिली।

  • निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2% तक टूट गया।
  • इंडेक्स के सभी 10 शेयर लाल निशान में रहे।
  • विप्रो, HCL टेक और इंफोसिस में करीब 3% तक गिरावट दर्ज की गई।

निवेशक अमेरिकी बाजार से जुड़े जोखिमों और संभावित नए टैरिफ को लेकर सतर्क दिखे। इसके अलावा, ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भी भारतीय आईटी सेक्टर पर सतर्क रुख अपनाते हुए निवेशकों को एक्सपोजर घटाने की सलाह दी है। CLSA का मानना है कि आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे कमजोर रह सकते हैं।

ट्रंप की नई टैरिफ चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला। उन्होंने कहा कि भारत अब भी रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे अमेरिका संतुष्ट नहीं है और ज़रूरत पड़ने पर भारत पर टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान अनिश्चितता बढ़ाते हैं और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।

रुपए में कमजोरी

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में रुपया 4 पैसे कमजोर होकर 90.24 के स्तर पर पहुंच गया। फॉरेक्स विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूत मांग के चलते रुपए पर दबाव बना रह सकता है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिल सकती है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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