Why Share Market Crash: इन कारणों से टूटा शेयर बाजार, निवेशकों की बढ़ी चिंता
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 12:35 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को दबाव देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। BSE Sensex करीब 500 अंक टूटकर 81,745 के स्तर पर आ गया, जबकि NIFTY 50 लगभग 200 अंक गिरकर 25,300 के नीचे फिसल गया। बाजार में आई यह कमजोरी घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों के संयुक्त असर का परिणाम रही।
ग्लोबल संकेतों से दबाव
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों में बिकवाली का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा। दुनिया की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Nvidia ने बेहतर तिमाही नतीजे और मजबूत रेवेन्यू गाइडेंस दिया, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की चिंता बनी रही।
इसका असर S&P 500 और Nasdaq Composite पर दिखा, जहां कमजोरी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों ने भी अमेरिकी टेक इंडेक्स की गिरावट को फॉलो किया, जिससे भारतीय बाजार की शुरुआत ही दबाव में हुई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगभग 3,465.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। विदेशी पूंजी के निकलने से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और घरेलू निवेशक भी सतर्क रुख अपनाते हैं।
India VIX करीब 3% उछला
बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला India VIX करीब 3% बढ़कर 13.44 पर पहुंच गया। VIX में तेजी का संकेत है कि निवेशक आने वाले सत्रों को लेकर सतर्क हैं, खासकर जब महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हों।
जीडीपी डेटा पर नजर
बाजार की निगाह अब घरेलू जीडीपी आंकड़ों पर टिकी है। बड़े आर्थिक डेटा से पहले आमतौर पर ट्रेडर्स बड़े दांव लगाने से बचते हैं, जिसका असर मौजूदा कारोबार में दिखा।
तकनीकी स्तर क्या कहते हैं?
Geojit Financial Services के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, ऊपरी स्तरों पर दबाव जरूर है, लेकिन बाजार का बेस अभी मजबूत बना हुआ है। चार्ट पर ट्राएंगल फॉर्मेशन बन रहा है, जो आगे संभावित ब्रेकआउट की ओर इशारा करता है।
- 25,670 के ऊपर ब्रेक होने पर 25,900 तक तेजी संभव।
- 25,530 के आसपास उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
- 25,300 के नीचे फिसलने पर ट्रेंड कमजोर हो सकता है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल है। ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की चाल और आने वाले आर्थिक आंकड़े आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए स्तरों पर नजर रखते हुए संयमित रणनीति अपनाना बेहतर माना जा रहा है।
