Why Stock Market Crash: तेजी के बाद अचानक क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार, निवेशकों के 6 लाख करोड़ डूबे

punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 04:08 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार की तेजी के बाद बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के साथ कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1 फीसदी तक टूट गए, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में और ज्यादा दबाव देखने को मिला। दोनों इंडेक्स में 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 6 लाख करोड़ रुपए की कमी आ गई। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 458.50 लाख करोड़ रुपए से 452.52 लाख करोड़ रुपए पर आ गया।

सेंसेक्स 800 अंक टूटा, बैंक निफ्टी में 700 अंकों की गिरावट

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 805 अंक टूटकर 81,503 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 254 अंक गिरकर 25,034 पर कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी में भी भारी दबाव रहा और यह करीब 700 अंक फिसल गया।

बीएसई-30 के सिर्फ 10 शेयरों को छोड़कर बाकी 20 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सबसे ज्यादा गिरावट अडानी पोर्ट्स, जोमैटो, इंडिगो और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में दर्ज की गई।

अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज गिरावट

कारोबार के दौरान अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। अडानी ग्रीन एनर्जी सबसे ज्यादा प्रभावित रही और इसके शेयर 13 फीसदी गिरकर 794 रुपए पर आ गए।
इसके अलावा अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी टोटल गैस और अन्य ग्रुप कंपनियों के शेयरों में भी 13 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

अडानी शेयरों में यह गिरावट अमेरिका के बाजार नियामक से जुड़ी खबरों के बाद आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी आयोग ने कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना से जुड़े मामले में गौतम अडानी और सागर अडानी को व्यक्तिगत रूप से ईमेल के जरिए समन भेजने की अनुमति मांगी है।

328 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर

बाजार की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 328 शेयरों ने अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर को छू लिया। इनमें अडानी एंटरटेनमेंट, अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर, अकजो नोबेल इंडिया, अडानी टोटल, बाटा इंडिया और ब्लू जेट हेल्थकेयर जैसे शेयर शामिल हैं। हालांकि, बाजार की कमजोरी के बीच 69 शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर को भी छुआ।

गिरावट की वजह क्या रही?

बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में 2,144.06 करोड़ रुपए के शेयर शुद्ध रूप से बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,877.78 करोड़ रुपए के शेयर खरीदकर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News