Stock Fell: रेटिंग कट के बाद औंधे मुंह गिरा ये शेयर, CLSA ने क्यों घटाया टारगेट

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 01:43 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Dixon Technologies के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखी गई। शेयर करीब 2% टूटकर 11,300 रुपए के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया। पिछले एक साल में यह स्टॉक करीब 18% कमजोर हो चुका है।

गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक ब्रोकरेज फर्म CLSA द्वारा शेयर की रेटिंग ‘आउटपरफॉर्म’ से घटाकर ‘होल्ड’ करना है। साथ ही ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में 23% की कटौती करते हुए इसे 15,800 रुपए से घटाकर 12,100 रुपए कर दिया है।

क्यों घटाया गया टारगेट?

CLSA के मुताबिक, वैश्विक मेमोरी उद्योग इस समय एआई-प्रेरित सुपर-साइकिल के दौर से गुजर रहा है। हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और DDR5 चिप्स की तेज मांग के चलते मुख्यधारा की मेमोरी सप्लाई प्रभावित हो रही है। सप्लायर्स अब हाई-मार्जिन एआई-ग्रेड मेमोरी को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे लागत में जबरदस्त उछाल आया है।

रिपोर्ट के अनुसार:

  • DDR5 की कीमतों में जनवरी में 119% की मासिक बढ़ोतरी
  • NAND मेमोरी की कीमतों में 67% की वृद्धि

स्मार्टफोन कंपनियों पर दबाव

मेमोरी कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर स्मार्टफोन कंपनियों पर पड़ सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनियां बढ़ती लागत को देखते हुए स्मार्टफोन कीमतों में 10% से 25% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।

भारत में डिक्सन प्रमुख ब्रांड्स के लिए स्मार्टफोन असेंबली का काम करती है। ऐसे में अगर कीमतें बढ़ती हैं और एंट्री-लेवल व मिड-सेगमेंट में मांग घटती है, तो कंपनी के वॉल्यूम और मैन्युफैक्चरिंग आधारित राजस्व पर असर पड़ सकता है। इससे मध्यम अवधि की ग्रोथ पर भी दबाव आ सकता है।

52-वीक हाई से 38% नीचे

डिक्सन का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 18,471 रुपए से करीब 38% नीचे कारोबार कर रहा है। पिछले एक साल में स्टॉक में 18.5% की गिरावट आई है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के दीर्घकालिक अवसर मजबूत हैं लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के चलते डिक्सन की निकट अवधि की ग्रोथ विजिबिलिटी कमजोर दिखाई दे रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News