Stock Market Recovery: शेयर बाजार की जोरदार वापसी, सेंसेक्स-निफ्टी उछले, इन 4 कारणों से लौटी तेजी
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 03:33 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 2 फरवरी को शुरुआती गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी देखने को मिली। बजट के बाद रविवार को आई तेज बिकवाली के बाद निवेशक आज निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग करते नजर आए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बजट के लॉन्ग-टर्म संकेत और रुपए की मजबूती ने भी बाजार की धारणा को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक यानी 1.17% की तेजी के साथ 81,666.46 के स्तर पर आ गया। एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06% चढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ।
बाजार में रिकवरी के पीछे 4 बड़े कारण
1. वैल्यू बाइंग से लौटी खरीदारी
पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने आकर्षक वैल्यूएशन पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। 1 फरवरी को बजट के दिन बाजार ने प्रतिशत के लिहाज से छह साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी। शुरुआती घबराहट कम होने के बाद निवेशकों ने मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में एंट्री ली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.14% टूटकर 66.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए राहत मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर दबाव कम होता है। इसी उम्मीद ने शेयर बाजार को मजबूती दी।
3. बजट के लॉन्ग-टर्म संकेतों से बढ़ा भरोसा
बजट 2026-27 को लेकर शुरुआती नकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब निवेशक इसके दीर्घकालिक फायदों पर फोकस कर रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्लोबल डेटा सेंटर के लिए टैक्स इंसेंटिव, एग्रीकल्चर और टूरिज्म सेक्टर को समर्थन जैसे उपायों ने सेंटीमेंट सुधारा है। 53.5 लाख करोड़ रुपए के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के संकेतों को बाजार ने सकारात्मक रूप से लिया।
4. रुपए की मजबूती से मिला अतिरिक्त सहारा
सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे मजबूत होकर 91.56 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपए को सपोर्ट मिला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक बजट ने रुपये को सीधी राहत भले न दी हो लेकिन निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ाया है। हालांकि सरकार की 17.2 लाख करोड़ रुपए की उधारी योजना बाजार के लिए आगे चिंता का विषय बनी रह सकती है।
