Share Market crashed: दो दिन की तेजी के बाद शेयर बाजार धड़ाम, बाजार में क्यों मचा हड़कंप?
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 11:36 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः लगातार दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार, 29 जनवरी को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट लौट आई। मुनाफावसूली, ऑटो शेयरों में तेज बिकवाली और ब्याज दरों में कटौती पर विराम के संकेतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया। कमजोर ग्लोबल संकेतों का दबाव भी बाजार पर साफ नजर आया।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 525 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 25,200 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह करीब 10:45 बजे, बीएसई सेंसेक्स 525.35 अंक या 0.64 फीसदी की गिरावट के साथ 81,819.33 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 148.10 अंक या 0.58 फीसदी टूटकर 25,194.65 के स्तर पर आ गया।
बाजार गिरने के 6 बड़े कारण
1. मुनाफावसूली का दबाव
लगातार दो दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता अपनाया। सेंसेक्स और निफ्टी पिछले दो सत्रों में करीब 1 फीसदी चढ़े थे। इस दौरान आईटी, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। भारत–यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा से आई तेजी मौजूदा सत्र में फीकी पड़ती नजर आई।
2. अमेरिकी फेड का सख्त संकेत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जो बाजार के अनुमान के अनुरूप था। हालांकि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर है, जिससे ब्याज दरों में कटौती पर लंबा ब्रेक लग सकता है। ऊंची अमेरिकी दरें उभरते बाजारों के लिए निगेटिव मानी जाती हैं, क्योंकि इससे डॉलर मजबूत और बॉन्ड यील्ड ऊंची रहती है।
3. इंडिया VIX में उछाल
निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स करीब 4 फीसदी चढ़कर 14.03 पर पहुंच गया। बढ़ता VIX आमतौर पर बाजार में अनिश्चितता और सतर्क ट्रेडिंग का संकेत देता है।
4. ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली
ऑटो सेक्टर बाजार की गिरावट का बड़ा कारण रहा। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी तक टूट गया। मारुति सुजुकी के नतीजों के बाद शेयर में कमजोरी दिखी। नए लेबर कोड से जुड़े एकमुश्त खर्च और कच्चे माल की लागत बढ़ने की चिंताओं ने पूरे सेक्टर पर दबाव बनाया।
5. कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी पिछली रात लगभग सपाट बंद हुए, जिससे घरेलू बाजारों को कोई ठोस सपोर्ट नहीं मिला।
6. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.08 फीसदी चढ़कर 69.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को नकारात्मक माना जाता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखा।
