Why Silver is Rising: चांदी ने पकड़ी रफ्तार! कीमत रिकॉर्ड हाई के करीब, जानें तेजी के कारण
punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 04:35 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः चांदी (Silver) की कीमतें एक बार फिर तेजी से ऊपर जा रही हैं। कई निवेशक अब अफसोस जता रहे हैं कि पिछले महीने जब MCX पर चांदी 1.40 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे फिसली थी, तब खरीदारी क्यों नहीं की। दरअसल, पिछले एक साल से चांदी का रुख लगातार मजबूत बना हुआ है।
पिछले महीने फेस्टिव सीजन में चांदी के दाम उछलकर 1,70,415 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर 97,515 रुपए प्रति किलो है। अक्टूबर के तीसरे सप्ताह की गिरावट के बाद अब चांदी में फिर से मजबूत तेजी देखने को मिल रही है, खासकर ग्लोबल मार्केट में।
28 नवंबर 2025 को स्पॉट सिल्वर 1.4% बढ़कर $54.18 प्रति औंस पर बंद हुआ, जो इसके ऐतिहासिक उच्च स्तर ($54.50/औंस) के बिल्कुल करीब है।
तेजी की बड़ी वजह: औद्योगिक मांग मजबूत, फेड रेट कट की उम्मीद
चांदी की मौजूदा रैली के पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं...
- औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी
- फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दोनों फैक्टर बरकरार रहे, तो चांदी जल्द ही नया रिकॉर्ड बना सकती है।
भारतीय बाजार में भी तेजी बरकरार
अगर भारत की बात करें तो यहां भी चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। MCX पर दिसंबर मल्टी-कमोडिटी कांट्रैक्ट 1,63,650 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया जबकि मार्च 2026 कांट्रैक्ट 1,67,360 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जो कि 0.83% की बढ़त दर्शाता है। इस बीच शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 1400 रुपए प्रति किलो की तेजी देखी जा रही है, भाव 163900 रुपए तक पहुंच गई है।
वेडिंग सीजन ने बढ़ाई डिमांड
फेस्टिव सीजन के बाद देश में वेडिंग सीजन चल रही है, जिससे सोने-चांदी की मांग बढ़ी है। ज्वेलर्स के अनुसार, सोना महंगा होने से ग्राहक चांदी की खरीदारी में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
वहीं विश्लेषकों का कहना है कि इस रैली के पीछे औद्योगिक और निवेश दोनों तरह की मांग है। चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी-निर्माण जैसे उद्योगों में हो रहा है। चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण ये भी है कि सप्लाई में कमी। विश्वभर में खनन और उत्पादन पर्याप्त नहीं हो पा रहा, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। इस असंतुलन (supply deficit) के कारण चांदी की कीमतों में उछाल आ रहा है।
