एक हफ्ते में ₹35,815 महंगी हुई चांदी, सोने ने भी लगाई बड़ी छलांग, जानिए तेजी के बड़े कारण

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 05:52 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। सोना 12,717 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,310 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले 16 जनवरी (शुक्रवार) को सोना 1,41,593 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी छलांग लगी है। चांदी 2,81,890 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 3,17,705 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है यानी सिर्फ एक हफ्ते में चांदी 35,815 रुपए महंगी हुई है। साल 2026 के शुरुआती 23 दिनों में ही सोना 21,115 रुपए और चांदी 81,285 रुपए तक महंगी हो चुकी है, जिससे निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों की चिंता बढ़ गई है।


सोने में तेजी के 3 बड़े कारण

 

1. ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद और यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकियों से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। जब भी ट्रेड वॉर या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर रुख करते हैं।

2. रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी

भारत में सोने की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती हैं। फिलहाल रुपया डॉलर के मुकाबले 91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, रुपए की कमजोरी से सोने की लैंडिंग कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें 1.5 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई हैं।

3. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी

दुनियाभर के केंद्रीय बैंक, जिनमें भारत का RBI भी शामिल है, अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

₹1.90 लाख तक जा सकता है सोना

रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी का मानना है कि अगर अमेरिकी टैरिफ नीति और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो 2026 में सोना 1,90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी के दाम 4 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक जाने की संभावना है।

चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण

इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) में भारी इस्तेमाल के कारण चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही।

ट्रंप के टैरिफ का डर: अमेरिकी कंपनियां संभावित सप्लाई संकट को देखते हुए चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई घट रही है।

मैन्युफैक्चरर्स की होड़: उत्पादन बाधित होने के डर से कंपनियां पहले से खरीदारी कर रही हैं, जिससे आने वाले महीनों में भी चांदी की कीमतों में तेजी बने रहने के संकेत हैं।


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Content Writer

jyoti choudhary

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