No UPI Day: 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे'', 500 कारोबारी संगठन MDR के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन

punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 01:18 PM (IST)

नई दिल्लीः UPI लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर देशभर के व्यापारिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (FAIVM) और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) समेत कई कारोबारी संगठनों ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती को ‘नो UPI डे’ मनाने का ऐलान किया है।

इस अभियान के तहत कारोबारियों की योजना 2 अक्टूबर को UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करने की है। ऐसे में ग्राहकों को भुगतान के लिए नकद या कार्ड जैसे दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

कौन-कौन से संगठन होंगे शामिल?

महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MCCIA), ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF), ऑल इंडिया एडिबल ऑयल ट्रेडर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) और फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने 2 अक्टूबर के अभियान में शामिल होने की बात कही है।

MCCIA के अध्यक्ष रविंद्र माणगावे के मुताबिक, करीब 500 कारोबारी संगठनों को इस अभियान से जोड़ने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि कारोबारी संगठन केंद्र और राज्य सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे।

किस बात का विरोध कर रहे हैं कारोबारी?

AICPDF के राष्ट्रीय अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल ने कहा कि खुदरा कारोबारी और वितरक कम मार्जिन पर काम करते हैं और डिजिटल भुगतान के विस्तार में उनकी भूमिका रही है। उनके मुताबिक, UPI पर MDR लागू होने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है।

ऑल इंडिया एडिबल ऑयल ट्रेडर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने भी प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि 2 अक्टूबर को UPI से जुड़े उपकरणों को काले कपड़े से ढककर विरोध जताया जाएगा।

मध्य प्रदेश में पहले ही हुआ विरोध

रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में करीब 125 व्यापारिक संगठनों ने ‘नो UPI डे’ के तहत विरोध किया। व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, इससे राज्य के कारोबार पर भी असर पड़ा।

महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MACCIA) और पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने भी प्रस्तावित MDR के खिलाफ अपना समर्थन जताया है।

15 अक्टूबर से क्या बदलेगा?

NPCI के नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% तक MDR लागू होगा। प्रति ट्रांजैक्शन इसकी अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है। ₹2,000 तक के P2M भुगतान और Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा।

कुछ श्रेणियों के लिए अलग शुल्क संरचना रखी गई है। वहीं छोटे कारोबारियों की कुछ श्रेणियां भी MDR से बाहर रहेंगी।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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