UPI से पेमेंट करने वालों के लिए राहत, NPCI ने GST को लेकर साफ की स्थिति

punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 06:01 PM (IST)

नई दिल्लीः यूपीआई के जरिए भुगतना करने वाले छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर जीएसटी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सफाई दी है। एनपीसीआई के अनसार, नए नियमों का असर UPI के ज्यादातर छोटे लेन-देन पर नहीं पड़ेगा और ग्राहकों के लिए डिजिटल पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

2,000 रुपए तक के पेमेंट पर MDR शून्य

NPCI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि 2,000 रुपए तक के Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगाया जाएगा। जब MDR ही नहीं होगा, तो उस पर GST लागू होने का सवाल भी नहीं उठता।

NPCI के अनुसार, सरकारी आंकड़ों में 2,000 रुपए तक के लेन-देन की हिस्सेदारी UPI मर्चेंट पेमेंट में 96 फीसदी से अधिक है। इसका मतलब है कि अधिकांश UPI ट्रांजैक्शन नए MDR नियम के दायरे से बाहर रहेंगे।

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MDR पर GST कारोबारियों के लिए कैसे काम करेगा?

जिन कारोबारियों पर MDR लागू होगा, उनके लिए MDR पर चुकाया गया GST पूरी तरह अतिरिक्त लागत नहीं माना जाएगा। GST व्यवस्था के तहत पात्र कारोबारी इस टैक्स को Input Tax Credit के तौर पर अपनी बिक्री पर बनने वाली GST देनदारी के विरुद्ध समायोजित कर सकते हैं। इस तरह MDR पर भुगतान किए गए GST की पूरी राशि कारोबारी को अपनी जेब से अंतिम लागत के रूप में वहन नहीं करनी होगी।

1 लाख रुपए तक के मासिक UPI कारोबार पर भी राहत

NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कारोबारियों का मासिक UPI ट्रांजैक्शन 1 लाख रुपए तक है, उन पर MDR लागू नहीं होगा। ऐसे मामलों में MDR से जुड़े GST का भी सवाल नहीं उठता। इससे छोटे दुकानदारों और कम डिजिटल कारोबार वाले व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

2,000 रुपए से ज्यादा पर 0.4% MDR

NPCI ने 15 सितंबर को नया MDR फ्रेमवर्क पेश किया था। इसके तहत 2,000 रुपए से अधिक के P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। हालांकि, एक ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपए तय की गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह शुल्क ग्राहक से अलग से नहीं लिया जाएगा यानी आम यूजर के लिए UPI से भुगतान करने की सुविधा पहले की तरह बिना अतिरिक्त चार्ज के जारी रहेगी।


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Content Writer

jyoti choudhary

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