Why Stock Market falling today: 12 बजे के करीब अचानक 1,000 अंक लुढ़का सेंसेक्स, गिरावट के 3 बड़े कारण
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 12:22 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा। कारोबार के दौरान BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 24,000 से नीचे फिसल गया।
दोपहर 12:00 बजे के करीब सेंसेक्स 1,045.15 अंक गिरकर 77,160.83 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 260.25 अंक की गिरावट के साथ 23,971.60 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो इसका असर महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक ग्रोथ पर पड़ सकता है। यही वजह है कि बाजार में जोखिम लेने की इच्छा कम दिखाई दे रही है।
शेयर बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण.....
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। 10 मार्च को FIIs ने करीब 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगभग 32,849 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक साल से FIIs की बिकवाली को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी संतुलित कर रही है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में मजबूत निवेश प्रवाह के कारण घरेलू निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं।
मुनाफावसूली से भी दबाव
मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन निफ्टी करीब 24,261 और सेंसेक्स लगभग 78,206 के स्तर पर बंद हुआ था। इसी तेजी के बाद कई निवेशकों ने कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में गिरावट देखने को मिली।
सेक्टोरल स्तर पर ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी रही। निफ्टी 50 के कई बड़े फाइनेंशियल शेयरों में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बड़े हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। हालांकि Donald Trump ने हाल ही में संकेत दिया था कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है लेकिन दोनों पक्षों के बीच हमले जारी रहने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इन विरोधाभासी संकेतों के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका असर शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में देखने को मिला।
