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इन्फोसिस के शेयर में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट, निवेशकों के डूबे 45 हजार करोड़ रुपए

2019-10-22T11:33:53.477

मुंबईः देश की बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के मैनेजमेंट पर लगे गंभीर आरोपों के बाद मंगलवार को सुबह कंपनी का शेयर 12 फीसदी (10:33 AM) से ज्यादा टूट गया है। इससे निवेशकों को कुछ ही मिनटों में 45 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। आपको बता दें कि एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन्फोसिस ने अपना मुनाफा और आमदनी बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए हैं। इस पूरे मामले को लेकर एक ग्रुप ने इन्फोसिस के बोर्ड को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है।

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शेयर में आई 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट
इन्फोसिस के शेयर में इंट्राडे (एक दिन में) में आई 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट में कंपनी की मार्केट कैप 3.28 लाख करोड़ रुपए से गिरकर 2.83 लाख करोड़ रुपए पर आ गई है।

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जांच के लिए तैयार इन्फोसिस
इस पूरे मामले को लेकर इन्फोसिस की ओर से आए बयान में कहा गया है कि Shardul Amarchand Mangaldas मामले में Whistleblower के आरोपों की स्वतंत्र तौर पर जांच करेंगे। सितंबर में Whistleblower से 2 शिकायतें मिली थीं।

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क्यों आई शेयर में गिरावट
इन्फोसिस को लेकर व्हीसल ब्लोअर्स ने कंपनी के बोर्ड को इस मामले से जुड़ी एक चिट्ठी 20 सितंबर को लिखी है। चिट्ठी में बताया गया है कि इन्फोसिस ने अपने मुनाफे और आय को बढ़ाने के लिए अनौतिक कदम उठाए है। कंपनी के मौजूदा सीईओ सलिल पारेख भी इसमें शामिल है। रिपोर्ट का दावा है कि सलिल पारेख बड़ी डील में मार्जिन्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए दबाव बनाते है और आमदनी और मुनाफे का गलत अनुमान बताने को कहते हैं।

आपको बता दें कि एक ऐसी ही चिट्ठी 27 सितंबर को अमेरिकी शेयर बाजार के रेग्युलेटर यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को भी दी गई है। दरअसल इन्फोसिस का एडीआर (अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीप्ट) न्यूयॉर्क एक्चेंज पर लिस्ट है। सोमवार को ADR 12 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया था। इसीलिए मंगलवार की सुबह इन्फोसिस का शेयर 12 फीसदी से ज्यादा गिर गया है।
 


jyoti choudhary

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