Consumer Court: ग्राहक का CIBIL रिकॉर्ड गलत करना HDFC Bank को पड़ा भारी, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 12:36 PM (IST)

Consumer Court: केरल के कोल्लम जिला कंज्यूमर कोर्ट ने HDFC Bank को एक ग्राहक की गलत क्रेडिट जानकारी सुधारने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बैंक की लापरवाही के लिए ग्राहक को हुई परेशानी और दिक्कतों के बदले 50,000 रुपए का मुआवजा देने को कहा है। इसके अलावा बैंक को 10,000 रुपए मुकदमे का खर्च भी देना होगा। कोर्ट का यह आदेश अध्यक्ष एसके श्रीला और सदस्य स्टेनली हेरोल्ड ने 6 अगस्त को दिया।

क्या है मामला

ये मामला अलुम्मूडू के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत से जुड़ा है। ग्राहक ने पहले Centurion Bank से बाइक खरीदने का लोन लिया था। बाद में Centurion Bank का HDFC Bank में विलय हो गया। लोन चुकाने के लिए कस्टमर ने 1,725 के 19 पोस्ट डेटेड चेक दिए थे। 

ग्राहको के अनुसार, बैंक के पास रखे दो चेक खो गए। इसके बाद बैंक ने उससे उन दोनों किस्तों का पैसा नकद जमा करने को कहा। कस्टमर ने पैसे जमा कर दिए और उसका लोन अकाउंट 11 नवंबर 2009 को बंद हो गया।

बंद लोन को CIBIL में बताया डिफॉल्ट

लोन बंद होने के बावजूद बैंक ने बाद में इस खाते को डिफॉल्ट के तौर पर रिपोर्ट कर दिया। इससे ग्राहक की CIBIL रिपोर्ट प्रभावित हुई। उसे इस गड़बड़ी का पता अक्टूबर 2023 में चला, जब खराब क्रेडिट रिकॉर्ड की वजह से उसे पंजाब एंड सिंध बैंक से बिजनेस लोन लेने में परेशानी हुई।

कोर्ट ने कहा कि HDFC Bank यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि लोन अकाउंट बंद होने के बाद भी उसे डिफॉल्ट के रूप में क्यों रिपोर्ट किया गया। कोर्ट ने इसे बैंक की गंभीर लापरवाही और सेवा में कमी माना।

CIBIL को नहीं माना जिम्मेदार

कोर्ट ने TransUnion CIBIL को इस मामले में सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया। कोर्ट के मुताबिक, CIBIL अपने सदस्य बैंकों से मिलने वाली क्रेडिट जानकारी को रिकॉर्ड करता है और बैंक की अनुमति के बिना अपने स्तर पर ऐसी जानकारी को बदल या हटाने का अधिकार उसके पास नहीं है।

30 दिन में रिकॉर्ड ठीक करने का आदेश 

कोर्ट ने HDFC Bank को 30 दिनों के अंदर गलत क्रेडिट जानकारी ठीक करके CIBIL को इसकी जानकारी देने का आदेश दिया है। इसके बाद CIBIL को भी 30 दिनों के अंदर कस्टमर का रिकॉर्ड अपडेट करना होगा। बैंक को 50,000 मुआवजा और 10,000 मुकदमे का खर्च देना होगा। फिक्स समय में पेमेंट नहीं करने पर बकाया रकम पर 9% साल का ब्याज भी देना होगा।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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