Banking Sector में बड़ी हलचल, दो बड़े सरकारी बैंकों के मर्जर की तैयारी!

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 11:30 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़ी हलचल मच गई है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को और मजबूत बनाने के लिए एक बार फिर बड़े बैंक मर्जर की तैयारी में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के विलय पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर फिलहाल काम चल रहा है और अगर यह मर्जर लागू होता है, तो बनने वाला नया बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा।

मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि इस कदम का मकसद बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत करना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना और प्रतिस्पर्धा को तेज करना है। दोनों बैंकों के विलय के बाद नई इकाई की कुल संपत्ति करीब 25.67 लाख करोड़ रुपए होगी, जो मौजूदा समय में 18.62 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति वाले बैंक ऑफ बड़ौदा से भी अधिक होगी।

इन बैंकों के विलय पर भी हो रहा विचार

इससे पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि वित्त मंत्रालय चेन्नई स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक और इंडियन बैंक के विलय के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके अलावा पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है। इन बैंकों की परिसंपत्तियां अन्य बड़े सरकारी बैंकों की तुलना में कम हैं, इसलिए भविष्य में इन्हें निजीकरण के विकल्प के तहत भी देखा जा सकता है।

27 से घटकर 12 रह गई सरकारी बैंकों की संख्या 

गौरतलब है कि 2017 से 2020 के बीच सरकार ने बड़े स्तर पर बैंकिंग सेक्टर में सुधार करते हुए 10 सरकारी बैंकों का विलय कर उन्हें 4 बड़े बैंकों में शामिल किया था। इसके बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया का संभावित विलय बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इससे पहले 2019-20 में हुए मर्जर—जैसे आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक में विलय—को सफल माना गया है, जिससे बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत हुई थी।

हालांकि, फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर ही है लेकिन यदि यह मर्जर होता है, तो यह भारतीय बैंकिंग इतिहास में एक और बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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