Goldman Sachs ने घटाया भारतीय शेयर बाजार का आउटलुक, निफ्टी में 14% गिरावट की आशंका!

punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 02:18 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः लगातार दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार, 27 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन बाजार के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हो सकता है। इसी बीच अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने भारतीय बाजार पर अपना रुख ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘मार्केटवेट’ कर दिया है।

निफ्टी टारगेट में बड़ी कटौती

ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी 50 के लिए अपना लक्ष्य घटाकर 25,300–25,900 कर दिया है, जो पहले 29,300–29,500 था। इसका मतलब है कि ब्रोकरेज फर्म को निफ्टी में 14 फीसदी की गिरावट की आशंका दिख रही है।

रिस्क-रिवॉर्ड कमजोर, एशिया में आकर्षण घटा

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार का रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो अब अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में कम आकर्षक हो गया है। वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर नकारात्मक संकेतों के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

अर्निंग्स ग्रोथ पर खतरा

गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि अगले 2–3 तिमाहियों में कंपनियों की कमाई के अनुमान में कटौती हो सकती है। खासकर घरेलू खपत और निवेश से जुड़ी कंपनियों पर इसका ज्यादा असर दिख सकता है। 2026 के लिए अर्निंग्स ग्रोथ अनुमान घटाकर 8% और 2027 के लिए 13% कर दिया गया है।

ऊर्जा संकट बना बड़ी चिंता

मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर असर के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी 85% से अधिक तेल जरूरत आयात से पूरी करता है, ऐसे में महंगा क्रूड अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर तेल कीमतों में प्रति बैरल 45 डॉलर की तेजी लंबे समय तक बनी रहती है, तो देश की कुल अर्निंग्स ग्रोथ में करीब 9% तक गिरावट आ सकती है।

GDP और महंगाई पर असर

ब्रोकरेज ने 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9% कर दिया है। साथ ही महंगाई में 0.70% तक बढ़ोतरी, चालू खाता घाटा जीडीपी के 2% तक पहुंचने और रुपए में कमजोरी की आशंका जताई गई है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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