Delhi Bullion Market: फिर महंगा हुआ सोना, गोल्ड-सिल्वर खरीदने से पहले चेक करें भाव
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 10:26 AM (IST)
नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन तेजी रही और यह 1,400 रुपए बढ़कर लगभग 1.61 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बृहस्पतिवार के बंद भाव 1,59,500 रुपए प्रति 10 ग्राम से 1,400 रुपए बढ़कर 1,60,900 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। हालांकि, चांदी की कीमत 2,40,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
कारोबारियों ने कहा कि सोने की कीमत में यह वृद्धि घरेलू सर्राफा बाजार में खरीदारी की मजबूत दिलचस्पी के कारण हुई, जबकि निवेशक महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपना रहे थे। इन आंकड़ों का असर ब्याज दर की दिशा और कीमती धातुओं के भविष्य पर पड़ सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. में संपत्ति प्रबंधन मामलों के शोध प्रमुख, सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि घरेलू चांदी की कीमत जनवरी के चार लाख रुपए प्रति किलोग्राम से अधिक के उच्चतम स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक टूटकर लगभग 2.3 लाख-2.4 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं। लेकिन निवेश की मांग कम बनी हुई है, जिससे डीलरों के पास मौजूद स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ''अगर मांग में सुधार नहीं होता है, तो भारतीय डीलर के लगभग 2,000 टन चांदी के ऑर्डर से स्टॉक का बोझ और बढ़ सकता है।''
वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली रूप से टूटकर 4,465.34 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 0.38 प्रतिशत गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस पर रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ''व्यापारी अगस्त (अमेरिकी) की महत्वपूर्ण गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे बाजार में कीमत एक सीमित दायरे में बनी हुई है।''
गांधी ने कहा कि बाजार का ध्यान अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर पूरी तरह केंद्रित है। इसके बाद अगले सप्ताह महंगाई के आंकड़े आएंगे, जिनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के नजरिए के बारे में और संकेत मिलेंगे। उन्होंने कहा, ''उम्मीद से कमजोर आंकड़े, डॉलर की गिरावट को और बढ़ा सकता है और सोने को सहारा दे सकता है, जबकि बेहतर आंकड़े या फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त रुख के नए संकेतों से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें फिर से जाग सकती हैं और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।''
