China Impact on Gold Rates: चीन के कारण सोने के दामों में मची हलचल! रिकॉर्ड हाई के बाद आई बड़ी गिरावट
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 11:16 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः हाल के हफ्तों में सोने की कीमतों में दिखी भारी उथल-पुथल ने वैश्विक बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाजार विशेषज्ञ इस अस्थिरता को खासकर चीन में बढ़ती सट्टेबाजी गतिविधियों से जोड़कर देख रहे हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने सोने की कीमतों में बढ़ती अस्थिरता के लिए चीन की “अनरूली” ट्रेडिंग गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया। 29 जनवरी को सोना 5,594 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था लेकिन अगले ही दिन इसमें करीब 10% की गिरावट आ गई। तब से कीमतें 5,000 डॉलर के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक नहीं पा रही हैं।
चीन की ट्रेडिंग से बढ़ी हलचल
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक जोखिम अब भी सोने की मांग को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि, हालिया तेज उतार-चढ़ाव में चीन के खुदरा और संस्थागत निवेशकों की बड़ी भूमिका मानी जा रही है।
World Gold Council से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक Shanghai Futures Exchange में ट्रेडिंग वॉल्यूम में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। इस साल औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 540 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया, जबकि 2025 में यह 457 टन प्रतिदिन था।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Shanghai Gold Exchange ने मार्जिन आवश्यकताओं को कई बार बढ़ाया है, ताकि अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाया जा सके।
सट्टेबाजी बुलबुले के संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि गोल्ड फ्यूचर्स और ETF में बढ़ते लेवरेज और निवेश प्रवाह से कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हालिया खरीदारी के रुझान सट्टेबाजी बुलबुले की ओर इशारा कर सकते हैं।
ANZ Research के अनुसार, चीन में निवेश के विकल्प सीमित हैं। जब प्रॉपर्टी बाजार कमजोर हो और जमा दरें करीब 1% पर हों, तो सोना निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन जाता है। फिलहाल चीन के घरेलू निवेश में सोने की हिस्सेदारी करीब 1% है, जिसे भविष्य में 5% तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
डॉलर से दूरी और गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी
विश्लेषकों के मुताबिक चीन का सोने की ओर झुकाव अमेरिकी डॉलर से दूरी बनाने की रणनीति से भी जुड़ा है। नवंबर 2025 में चीन की अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग घटकर 682 अरब डॉलर रह गई।
वहीं People's Bank of China ने जनवरी तक लगातार 15 महीनों तक अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है, जिससे कुल भंडार करीब 2,300 टन तक पहुंच गया।
इन तमाम कारकों के बीच सवाल यही है—क्या सोने में हालिया गिरावट सिर्फ करेक्शन है या सट्टेबाजी की आंच अभी और बढ़ेगी?
