Gold Demand: लगातार चौथे साल बढ़ी सोने की डिमांड, अमेरिका के बाद चीन ने भी बढ़ाई खरीद
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 01:40 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः पिछले साल सोने की कीमतों में जोरदार तेजी के बावजूद इसकी मांग कमजोर नहीं पड़ी। 2025 में वैश्विक स्तर पर गोल्ड की डिमांड 40% बढ़कर रिकॉर्ड 5,002 टन तक पहुंच गई, जिससे लगातार चौथे साल सोने की मांग में इजाफा दर्ज किया गया। इस दौरान जहां अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड होल्डर बना रहा, वहीं चीन समेत कई देशों ने भी अपने गोल्ड रिजर्व में तेजी से बढ़ोतरी की, जो वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
अगर अमेरिकी डॉलर के हिसाब से देखा जाए, तो 2025 में गोल्ड की डिमांड में 45% की वृद्धि हुई। इस दौरान दुनिया ने कुल 552 अरब डॉलर का सोना खरीदा, जो पाकिस्तान की पूरी इकॉनमी (410-417 अरब डॉलर) से भी ज्यादा है।
ETF, बार और कॉइन की डिमांड भी बढ़ी
ग्लोबल ईटीएफ होल्डिंग में सालाना आधार पर 801 टन की बढ़ोतरी हुई, जो इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी है। साथ ही बार और कॉइन की डिमांड 1,374 टन रही, जो पिछले 12 साल में सबसे ज्यादा है। केंद्रीय बैंकों ने भी 863 टन सोना खरीदा, जो इतिहास में किसी एक साल में चौथी सबसे बड़ी खरीद है। यह 2010 से 2021 के बीच औसत सालाना खरीद (473 टन) से काफी अधिक है।
किसके पास सबसे ज्यादा सोना
2021 से सोने की खरीद लगातार बढ़ रही है। भारत, चीन, तुर्की और पोलैंड जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने जमकर सोने की खरीद की है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कई देशों ने अपने फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन गुपचुप तरीके से अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है। चीन ने आधिकारिक तौर पर पिछले साल 27 टन गोल्ड खरीदा लेकिन जानकारों का अनुमान है कि इसकी वास्तविक खरीद लगभग 270 टन रही। चीन इस तरह सोने की होर्डिंग कर रहा है कि जैसे कोई बड़ी मुसीबत आने वाली है।
हालांकि, अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व है—8,133 टन। इसके बाद जर्मनी (3,350 टन), इटली (2,452 टन), फ्रांस (2,437 टन), रूस (2,330 टन), चीन (2,304 टन), स्विट्जरलैंड (1,040 टन), भारत (880 टन), जापान (846 टन) और तुर्की (641 टन) का स्थान है।
