Jute Industry in Crisis: रिकॉर्ड कीमतों के कारण संकट में जूट उद्योग, उत्पादन ठप्प, 75,000 से ज्यादा मजदूर बेरोजगार
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 04:28 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः जूट की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ौतरी ने देश के जूट उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। कच्चे जूट की भारी कमी और दामों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण कई जूट मिलों में उत्पादन ठप्प हो गया है। इसका सीधा असर मजदूरों पर पड़ा और हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए। उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया तो यह संकट और गहराएगा, जिससे पारंपरिक जूट उद्योग तथा इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है।
75,000 से ज्यादा मजदूर बेरोजगार
इंडियन जूट मिल एसोसिएशन (आई.जे.एम.ए.) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि 1 अप्रैल से निजी व्यापारियों द्वारा कच्चे जूट की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी जाए, ताकि मिलों को राहत मिल सके और हजारों श्रमिकों की नौकरियां बचाई जा सकें। आई.जे.एम.ए. का दावा है कि इस वजह से 75,000 से ज्यादा मजदूरों को काम से हाथ धोना पड़ा है। जूट उद्योग, जो पहले से ही चुनौतियों से जूझ रहा था, अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ता नजर आ रहा है।
मिलों में तेजी से घट रहा जूट का स्टॉक
आई.जे.एम.ए. के अनुसार बीते कुछ महीनों में जूट मिलों के पास कच्चे जूट की उपलब्धता तेजी से घट गई है। सिर्फ दिसंबर 2025 में ही मिलों का स्टॉक करीब 1.25 लाख गांठ कम हो गया। दूसरी ओर कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
दक्षिण बंगाल की टीडीएन-3 ग्रेड जूट की कीमतें बढ़कर करीब 13,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इस हालात ने जूट उद्योग के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
