EV और रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग से तांबे में ऐतिहासिक उछाल, 13,000 डॉलर प्रति टन के करीब पहुंचे दाम
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 05:55 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः शेयर बाजार में इन दिनों कमोडिटी सेगमेंट, खासकर मेटल सेक्टर में नई तेजी देखने को मिल रही है। तांबे (कॉपर) की कीमतों में आई उछाल ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के चलते कॉपर की खपत में मजबूत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। जनवरी 2026 में कॉपर की कीमतें 13,000 डॉलर प्रति टन के करीब पहुंच गईं, जो वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत से लगभग 40% ज्यादा है। हालांकि महीने के अंत में हल्की नरमी आई लेकिन कीमतें अब भी 6 डॉलर प्रति पाउंड के आसपास बनी हुई हैं।
इस तेजी का असर भारतीय कंपनियों पर भी दिख रहा है। बाजार में हिंदुस्तान कॉपर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और वेदांता जैसे बड़े नाम निवेशकों की निगाह में हैं। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार भारत में कॉपर की मांग अगले दो वर्षों तक 10–12% सालाना की दर से बढ़ सकती है।
हिंदुस्तान कॉपर
सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर देश की एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर उत्पादक है, जो खनन से लेकर रिफाइनिंग तक का पूरा काम करती है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को 3.54 मिलियन टन से बढ़ाकर 2031 तक 12.2 मिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है। Q3FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 109% बढ़कर 687 करोड़ रुपए रहा, जबकि शुद्ध मुनाफा 147% बढ़कर 156 करोड़ रुपए हो गया।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज
आदित्य बिड़ला समूह की हिंडाल्को इंडस्ट्रीज कॉपर और एल्युमीनियम दोनों क्षेत्रों में सक्रिय है। तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 14% बढ़कर 66,521 करोड़ रुपए पहुंचा। हालांकि मुनाफा सालाना आधार पर 45% घटकर 2,049 करोड़ रुपए रहा।
वेदांता
वेदांता के कॉपर डिवीजन ने Q3FY26 में 45 किलो टन कैथोड उत्पादन किया। कंपनी का रेवेन्यू 37% बढ़कर 23,369 करोड़ रुपए रहा, जबकि शुद्ध मुनाफा 60% बढ़कर 7,807 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
