7 साल पुराने क्रेडिट कार्ड केस में ग्राहक की जीत, SBI Cards को देना होगा मुआवजा
punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 12:21 PM (IST)
नई दिल्लीः क्रेडिट कार्ड से जुड़े अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन के एक करीब सात साल पुराने मामले में ग्राहक को बड़ी राहत मिली है। वडोदरा कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एडिशनल) ने SBI Cards & Payment Services Limited के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उसे कार्ड होल्डर को कुल 15,000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मामला साल 2019 का है। ग्राहक ने अपने क्रेडिट कार्ड पर हुए दो ऐसे ट्रांजैक्शन पर आपत्ति जताई थी, जिन्हें उसने खुद करने से इनकार किया था। आयोग ने माना कि SBI Cards यह साबित नहीं कर सका कि विवादित भुगतान ग्राहक ने ही किए थे।
2019 में सामने आए थे दो संदिग्ध ट्रांजैक्शन
मामले के मुताबिक, वडोदरा के नवायार्ड निवासी शकील पठान ने जुलाई और अगस्त 2019 में अपने SBI क्रेडिट कार्ड पर क्रमशः 7,499 रुपए और 9,634 रुपए के दो ट्रांजैक्शन देखे। पठान का कहना था कि उन्होंने न तो ये भुगतान किए थे और न ही इनकी अनुमति दी थी। उन्होंने इन ट्रांजैक्शन का रिफंड लेने के लिए SBI Cards से संपर्क किया लेकिन कंपनी ने इसके लिए ग्राहक को ही जिम्मेदार माना।
इसके बाद पठान ने अक्टूबर 2019 में कंज्यूमर कमीशन का रुख किया। उन्होंने आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी के लिए 20,000 रुपए के मुआवजे की मांग की थी।
SBI Cards ने OTP का दिया हवाला
कंज्यूमर कमीशन के सामने SBI Cards ने दावा किया कि दोनों ट्रांजैक्शन सुरक्षित तरीके से हुए थे और ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजे गए थे। कंपनी का तर्क था कि भुगतान कार्ड के CVV या OTP के इस्तेमाल से किए गए होंगे और इन जानकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कार्ड होल्डर की थी। कंपनी ने यह भी कहा कि जिन मर्चेंट्स के पास भुगतान गया, उन्हें मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया था। हालांकि, आयोग इन दलीलों से पूरी तरह सहमत नहीं हुआ।
SBI Cards ग्राहक की गलती साबित नहीं कर पाई
कमीशन ने अनऑथराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़े RBI के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह साबित करने की जिम्मेदारी बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था की है कि विवादित ट्रांजैक्शन के लिए ग्राहक जिम्मेदार था। आयोग ने पाया कि SBI Cards ने OTP भेजे जाने की बात तो कही, लेकिन ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जिससे यह साबित हो सके कि पठान ने खुद इन ट्रांजैक्शन को किया था।
आयोग के मुताबिक, केवल OTP का इस्तेमाल हुआ होने की बात से यह साबित नहीं होता कि भुगतान ग्राहक ने ही किया था।
ग्राहक को मिलेगा 15 हजार रुपए का मुआवजा
मामले में सभी दलीलों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद वडोदरा कंज्यूमर कमीशन ने SBI Cards को ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 10,000 रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया।
इसके अलावा मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए 5,000 रुपए देने को कहा गया। इस तरह ग्राहक को कुल 15,000 रुपए का मुआवजा मिलेगा।
यह मामला क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए अहम है, क्योंकि अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन की स्थिति में केवल OTP या कार्ड की जानकारी के इस्तेमाल का हवाला देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता; विवाद होने पर संबंधित वित्तीय संस्था को यह भी साबित करना पड़ सकता है कि ग्राहक ही उस लेनदेन के लिए जिम्मेदार था।
