कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के रेट

2021-07-20T11:31:59.58

बिजनेस डेस्कः अमेरिका की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल के बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। वहां कोविड-19 के डेल्टा वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से कल वहां डब्ल्रूूटीआई क्रूड 7.63 फीसदी टूट कर 66.33 डॉलर तक गिर गया था। हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ। उधर ओपेक प्लस देश बीते रविवार को ही कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमत हो गए थे। वहां कल कारोबार की समाप्ति के समय ब्रेंट क्रूड 68.62 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। यह पिछले दिन के मुकाबले 6.71 फीसदी कम है। इसी तरह वहां यूएस वेस्ट टैक्सास इंटरमीडियएट या डब्ल्यूटीआई क्रूड भी कम हो कर 66.42 डॉलर प्रति बैरल पर सेटल हुआ था।

हालांकि, घरेलू बाजार में इन दिनों पेट्रोल-डीजल के दाम में फेरबदल नहीं हो रहे हैं। पिछले तीन दिनों से दोनों ईंधन के दाम स्थिर हैं। उससे पहले पेट्रोल और डीजल, दोनों की कीमत बढ़ी थी। दिल्ली में मंगलवार पेट्रोल 101.84 रुपए प्रति लीटर और डीजल 89.87 रुपए प्रति लीटर पर टिका रहा।

42 दिनों में ही 11.52 रुपए महंगा हो चुका है पेट्रोल
ऐसा देखा गया है कि अपने यहां जब कोई महत्वपूर्ण चुनाव होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ती। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चलने की वजह से बीते मार्च और अप्रैल में पेट्रोल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इसलिए, उस दौरान कच्चा तेल महंगा होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी लेकिन बीते चार मई से इसकी कीमतें खूब बढ़ी। कभी लगातार तो कभी ठहर कर, 42 दिनों में ही पेट्रोल 11.52 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है।

करीब तीन महीने के बाद एक दिन सस्ता हुआ है डीजल
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने बीते 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद सरकारी तेल कंपनियों ने 27 फरवरी 2021 को डीजल के दाम में 17 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। फिर दो महीने से भी ज्यादा समय तक इसके दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। हालांकि, बीच में 15 अप्रैल को डीजल के दाम में 14 पैसे की मामूली कटौती हुई थी। चुनाव बीतने के बाद बीते 4 मई से इसमें रूक-रूक कर बढ़ोतरी होना शुरू हुआ। आमतौर पर देखा जाता है कि जिस दिन पेट्रोल के दाम बढ़ते हैं, उसी दिन डीजल के भी दाम बढ़ते है। लेकिन शुक्रवार, दो जुलाई 2021 को सिर्फ पेट्रोल के दाम बढ़े थे। डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। सोमवार, 5 जुलाई को भी सिर्फ पेट्रोल का दाम बढ़ा जबकि डीजल स्थिर रहा। सोमवार, 12 जुलाई को तो पेट्रोल कीमत बढ़ने के बावजूद डीजल के दाम में कमी हुई। उसके बाद 15 जुुलाई को इसके दाम बढ़े तो 17 जुलाई को सिर्फ पेट्रोल की कीमत बढ़ी।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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