बदलने वाला है बैंकों का वर्किंग सिस्टम! 5-Day वीक की मांग को लेकर बैंक यूनियनों का बड़ा ऐलान
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 05:45 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः अगर जनवरी के आखिरी दिनों में आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने 5-Day वीक की मांग को लेकर बड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है। यूनियनों का ऐलान है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल की जाएगी। ऐसे में बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं।
देशभर की बैंक कर्मचारी यूनियनों के साझा मंच United Forum of Bank Unions (UFBU) ने सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि बैंकों में भी सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम की व्यवस्था लागू की जाए।
ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
हड़ताल की टाइमिंग आम ग्राहकों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। दरअसल, 24 जनवरी को महीने का दूसरा शनिवार है, 25 जनवरी रविवार है, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद अगर 27 जनवरी को हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं 24, 25, 26 और 27 जनवरी—चार दिन तक लगभग ठप रह सकती हैं।
फिलहाल बैंकों में हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है, जबकि सभी रविवार को बैंक बंद रहते हैं। इस व्यवस्था के तहत बैंक हफ्ते में औसतन साढ़े पांच दिन काम करते हैं लेकिन यूनियनों की मांग है कि सभी शनिवारों को छुट्टी दी जाए और पूरी तरह 5-Day वीक सिस्टम लागू किया जाए।
अगर हड़ताल होती है, तो इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों में दिख सकता है। कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट, पासबुक एंट्री और लोन से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। खासकर वे ग्राहक परेशान हो सकते हैं, जिनके जरूरी बैंकिंग काम महीने के आखिरी सप्ताह में होते हैं।
ये काम अटक सकते हैं
हालांकि, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं आमतौर पर चालू रहती हैं लेकिन ब्रांच से जुड़े काम—जैसे नकद लेनदेन और दस्तावेजों से जुड़े कार्य—अटक सकते हैं। बुजुर्गों और ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों के लिए परेशानी ज्यादा हो सकती है, जो अब भी शाखाओं पर निर्भर हैं।
यूनियनों का कहना है कि 5-Day वीक लागू होने से कर्मचारियों पर काम का दबाव कम होगा और उनकी वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगी। उनका तर्क है कि बैंक कर्मचारी पहले ही भारी कार्यभार और तनाव में काम कर रहे हैं, ऐसे में यह बदलाव जरूरी है।
