Baba Vanga''s Predictions: फिर चर्चा में बाबा वेंगा की भविष्यवाणी, सोना-चांदी और तांबे को लेकर कही ये बात
punjabkesari.in Friday, Jan 30, 2026 - 06:17 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः बुल्गारिया की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने साल 2026 को लेकर एक गंभीर चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, दुनिया एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकती है, जहां नकदी की कमी के चलते मौजूदा मौद्रिक व्यवस्थाएं कमजोर पड़ जाएंगी। ऐसी स्थिति में कागजी मुद्रा पर भरोसा घटेगा और लोग सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में निकलेंगे।
बाबा वेंगा का मानना था कि इस दौर में सोना, चांदी और तांबा जैसी कीमती धातुएं सबसे भरोसेमंद संपत्ति बनकर उभरेंगी। चूंकि उनकी कई भविष्यवाणियां पहले सच साबित हो चुकी हैं, इसलिए 2026 को लेकर कही गई इस बात पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
सोने की कीमतों में तेजी के संकेत
मौजूदा बाजार रुझान भी सोने की मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। एमसीएक्स पर सोना इस समय करीब 1.69 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जो 2025 के स्तर से लगभग 50 फीसदी ज्यादा है। केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं और भारत की सालाना गोल्ड बायिंग 100 टन से अधिक बताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि ETF निवेश के दम पर दिवाली 2026 तक सोना 1.62 से 1.82 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
चांदी और तांबे में भी दमदार प्रदर्शन
चांदी की कीमतें भी मजबूत बनी हुई हैं और यह करीब 3.35 लाख रुपए प्रति किलो (अनुमानित) पर कारोबार कर रही है। वहीं तांबे ने अब तक के ऊंचे स्तर छू लिए हैं। एमसीएक्स पर कॉपर फ्यूचर्स 1,328 से 1,355 रुपए प्रति किलो के दायरे में हैं, जबकि शुद्ध तांबे की सिल्लियों की कीमत 1,400 से 1,690 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से बढ़ती मांग ने तांबे को औद्योगिक तौर पर भी बेहद अहम बना दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
हालांकि बाबा वेंगा की भविष्यवाणी धातुओं को लेकर उत्साह बढ़ाती है लेकिन विशेषज्ञ निवेश से पहले केवल तथ्यों और बाजार आंकड़ों पर भरोसा करने की सलाह देते हैं। डॉलर पर बढ़ता वैश्विक अविश्वास, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई जैसी चुनौतियां फिलहाल धातुओं के दाम को सहारा दे रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए संतुलन और पोर्टफोलियो में विविधता सबसे जरूरी है। सोना, चांदी और तांबा 2026 में सुरक्षा कवच साबित हो सकते हैं लेकिन समझदारी से किया गया निवेश ही अस्थिर बाजार में सही दिशा दिखा सकता है।
