Tesla के पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी पर किया मुकदमा, 500 कर्मियों को बगैर नोटिस पीरियड के निकालने का आरोप

punjabkesari.in Wednesday, Jun 22, 2022 - 12:23 AM (IST)

ऑटो डेस्कः एलोन मस्क की इलेक्ट्रिक कार निर्माता दिग्गज जानी मानी कंपनी टेस्ला का नाम ज्यादातर चर्चा में बना रहता है। वहीं, इस कंपनी का नाम एक बार फिर सुर्ख़ियों में नज़र आ रहा है। हालांकि, इस बार कंपनी का नाम उसकी किसी उपलब्धि के चलते नहीं बल्कि, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों के कारण चर्चा में है। टेस्ला कंपनी से जुड़ी ऐसी खबर सामने आई है कि, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करवाया है।

टेस्ला कंपनी के खिलाफ मुकदमा 
दरअसल, इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला के पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी पर मुकदमा किया है। क्योंकि, उनका कहना है कि, 'कंपनी का ‘बड़े स्तर पर छंटनी’ का फैसला कानून का उल्लंघन है क्योंकि कर्मचारियों को इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। मुकदमा करने वाले लोगों में मुख्य रूप से जॉन लिंच और डेक्स्टन हार्ट्सफील्ज का नाम सामने आया है।' उन्होंने बताया है कि, 'उन्हें 10 और 15 जून को नौकरी से निकाला गया था और वह कंपनी से 60 दिन के नोटिस पीरियड के बदले भुगतान और कंपनी से मिलने वाले फायदों की मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि, 'उन्हें कंपनी की गीगा फैक्ट्री से निकाला गया है।'
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मुकदमे में दावा किया गया है कि, 'नेवाडा स्थित टेस्ला की गीगा फैक्ट्री से 500 लोगों को निकाला गया है।' साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाले कर्मचारियों का भी कहना है कि, 'कंपनी ने वर्कर एडजस्टमेंट एंड रिटर्निंग नोटिफिकेशन एक्ट के तहत कर्मचारियों को 60 दिन का नोटिस न देकर कानून का उल्लंघन किया है। वे उन सभी टेस्ला कर्मचारियों के लिए न्याय मांग रहे हैं जिन्हें मई और जून में बगैर किसी पूर्व सूचना के कंपनी से निकाल दिया गया।' दावे में यह भी कहा गया है कि, 'टेस्ला ने बस कर्मचारियों को बता दिया कि उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं।'


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Pardeep

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