महिलाएं भी अब साहस दिखाने लगीं

punjabkesari.in Friday, Feb 05, 2016 - 01:01 AM (IST)

आज देश में विशेषकर महिलाओं के विरुद्ध अपराध बेकाबू हो रहे हैं जबकि महिलाएं अब जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय हैं। हालांकि अपराधी तत्वों के आगे वे भी बेबस नजर आती हैं परन्तु समय-समय पर ऐसी साहसी महिलाओं के उदाहरण सामने आते हैं जिनसे सिद्ध होता है कि यदि वे आत्मविश्वासपूर्वक ठान लें तो हर समस्या का  मुकाबला कर सकती हैं। यहां प्रस्तुत हैं ऐसा ही संदेश देने वाली चंद घटनाएं :

 
* 20 मार्च 2015 को एक युवती ‘प्रदन्या मंधारे’ जब मुम्बई के कांदीवली स्टेशन पर गाड़ी का इंतजार कर रही थी, तभी एक शराबी ने आकर उसे पीछे से दबोच लिया। इस पर ‘प्रदन्या’ ने डरने या शोर मचाने की बजाय स्वयं को उसकी गिरफ्त से छुड़ा कर पहले तो उसकी काफी पिटाई की और फिर उसे बालों से पकड़ कर घसीटते हुए पुलिस स्टेशन ले गई।
 
* 8 सितम्बर शाम को कोलकाता के मध्यमग्राम में एक 16 वर्षीय किशोरी घर जा रही थी कि तभी उसे 2 पेशेवर गुंडों ने घेर लिया और उससे छेड़छाड़ करने तथा उसे एक ओर घसीटने लगे परंतु किशोरी ने उन पर ऐसे घूंसे बरसाए कि उन्हें दिन में ही तारे नजर आने लगे और वे वहीं बैठ गए। इसके बाद किशोरी ने उन दोनों की बुरी तरह धुनाई करके उन्हें लहूलुहान कर दिया।  
 
* 27 दिसम्बर  2015 को नेत्रवती एक्सप्रैस से अकेली केरल जा रही एक 50 वर्षीय महिला पर चंद लुटेरों ने रात के समय गोवा में मदगांव के निकट धावा बोल कर उसका सामान लूट लिया और भागने लगे। हिम्मत करके महिला ने एक लुटेरे को दबोच भी लिया परंतु डिब्बे में मौजूद सुरक्षा कर्मी उसकी सहायता को नहीं आए।
 
* 12 जनवरी 2016 को आधा दर्जन सशस्त्र डाकू बिहार के बेगूसराय के सकरवासा गांव में मदन पोद्दार के घर में घुस आए और मदन तथा उसकी पत्नी निर्मला को बंधक बनाकर घर का कीमती सामान लूटने लगे। 
 
आहट सुनकर दूसरे कमरे में सो रही मदन की तीन बेटियां महिमा, काजल और पूजा अपने माता-पिता की जान खतरे में देख कर डाकुओं से भिड़ गईं। तीनों ने न सिर्फ अपना घर लुटने से बचा लिया बल्कि अपने माता-पिता की जान भी बचा ली और एक डाकू को भी पकड़ लिया।
 
* 18 जनवरी को रुद्रपुर स्थित विकास कालोनी में रोज-रोज की छेडख़ानी से परेशान एक युवती ने एक मनचले की चप्पलों से अच्छी-खासी पिटाई कर दी और फिर कालर से पकड़ कर काफी देर तक सड़क पर भी घुमाया।
 
* 23 जनवरी को सुबह-सवेरे जसलीन कौर नामक युवती कोलकाता के बोटेनिक गार्डन में अपने पिता के साथ सैर कर रही थी कि तभी एक  झपटमार ने, जिसके पास ‘पिस्तौल’ भी था, उसकी गले की चेन झपट कर भागने की कोशिश की लेकिन जसलीन ने लपक कर उसका पीछा किया और उसे ऐसा घूंसा जमाया कि उसके नाक-मुंह से खून बहने लगा। चेन स्नैचर किसी तरह बच कर भाग निकला परंतु वह जसलीन की चेन और पिस्तौल वहीं छोड़ गया जो बाद में पुलिस की जांच में नकली पाया गया।
 
* 30 जनवरी को हिमाचल के कोटकवाल गांव में एक युवती की शादी हो रही थी तब युवती का ध्यान अपने भावी पति की ऊलजलूल हरकतों की ओर गया। पंडित जी उसे कह कुछ रहे थे और वह कर कुछ और रहा था तथा हवन की सामग्री को अग्रि में न फैंक कर कहीं और फैंक रहा था। यह देख कर परेशान युवती ने उससे शादी करने से इन्कार कर दिया। 
 
* 31 जनवरी को हरियाणा में पलवल के कोतमा गांव में एक युवती सोनी ने दहेज लोभियों को जेल की सैर करवा दी। इसकी शादी के लिए बारात आ चुकी थी और तभी मंडप में वर पक्ष  ने अचानक महंगी कार की मांग करते हुए कन्या पक्ष के लोगों से बदतमीजी शुरू कर दी। इस पर सोनी ने न सिर्फ उससे शादी करने से इन्कार कर दिया बल्कि पुलिस भी बुला ली।
 
ये तो हमारी बच्चियों की हाजिर दिमागी और बहादुरी की चंद कहानियां हैं। अचानक आए संकट से निपटने के मामले में उनकी हाजिर दिमागी और हिम्मत की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। 
 
अत: आवश्यकता इस बात की है कि माता-पिता अपनी बच्चियों को समुचित शिक्षा दिलवाने के साथ-साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिलवाएं ताकि जीवन के किसी भी मोड़ पर उन्हें किसी अप्रिय और असुखद घटना से दो-चार न होना पड़े। 

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