Disco और Shorts-Top वाली वो रंगीन रातें! तेहरान की रातों में होता था ग्लैमर का जादू, जब पेरिस और लंदन से भी...
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 11:59 AM (IST)
Iran Before 1979 Islamic Revolution Lifestyle : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि और नए युग की शुरुआत के दावे ने इतिहास के पन्नों को फिर से पलट दिया है। 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले शाह मोहम्मद रजा पहलवी के दौर में ईरान एक ऐसा देश था जिसकी चमक-दमक देखकर अमेरिका और ब्रिटेन भी दंग रह जाते थे।

शाह का दौर: जब तेहरान में था हॉलीवुड जैसा ग्लैमर
1941 से 1979 तक का वह कालखंड ईरान के लिए स्वर्ण युग माना जाता था। तेल की अपार कमाई ने ईरान के शहरों को रातों-रात आधुनिक बना दिया था। सड़कों पर मर्सिडीज और शेवरले जैसी कारें दौड़ती थीं और आसमान छूती इमारतें पश्चिमी वास्तुकला को टक्कर देती थीं। उस दौर की फैशन पत्रिकाओं को देखें तो ईरानी महिलाएं मिनी स्कर्ट, शॉर्ट्स और बिना हिजाब के नजर आती थीं। वे केवल घर तक सीमित नहीं थीं बल्कि सिनेमा, संगीत और कला के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचानी जाती थीं।

शिक्षा और युवा जीवन: यूनिवर्सिटीज में दिखती थी आजादी
तेहरान विश्वविद्यालय की पुरानी तस्वीरों में छात्र-छात्राएं साथ बैठकर पढ़ाई करते और बहस करते दिखते थे। लड़कियां जींस और टी-शर्ट पहनकर बेझिझक कैंपस में घूमती थीं। शिक्षा का स्तर इतना ऊंचा था कि ईरान के युवा दुनिया भर के बड़े विश्वविद्यालयों में अपनी धाक जमाते थे। तेहरान की सड़कों पर युवा खुली चर्चाएं करते थे और वहां का नाइटलाइफ कल्चर पेरिस की याद दिलाता था।

क्रांति जिसने सब कुछ बदल दिया (1979)
भले ही ईरान बाहर से चमक रहा था लेकिन अंदरूनी तौर पर राजनीतिक दमन, आर्थिक असमानता और विदेशी हस्तक्षेप ने जनता में गुस्सा भर दिया था। यही असंतोष 1979 की इस्लामी क्रांति की वजह बना। शाह को देश छोड़ना पड़ा और खुमैनी ने कमान संभाली। रातों-रात आधुनिक कपड़ों की जगह हिजाब और काले चोगे ने ले ली। सार्वजनिक जीवन पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए। खुमैनी के बाद खामेनेई सुप्रीम लीडर बने जिन्होंने दशकों तक इस कट्टरपंथी व्यवस्था को कायम रखा।

क्या अब बदलेगी ईरान की तस्वीर?
डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान फिर से 1970 के दशक वाली उसी पुरानी स्वतंत्रता और आधुनिकता की ओर लौटेगा? क्या तेहरान की सड़कों पर फिर से वही पुरानी रौनक दिखाई देगी जिसने कभी दुनिया को दीवाना बनाया था?
