‘जज साहब, पति शारीरिक संबंध नहीं बनाता है,’ महिला ने भावुक होकर सुनाई अपनी व्यथा, कोर्ट ने तुरंत सुना दिया फैसला
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 09:36 AM (IST)
Marriage Annulment: क्या कोई शादी बिना किसी शारीरिक जुड़ाव के टिक सकती है? पुणे से एक ऐसा ही चौंकाने वाला कानूनी मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी व्यथा सुनाई। मामला इतना गंभीर था कि पति द्वारा अपनी गलती स्वीकार करने के बाद जज ने बिना किसी देरी के इस विवाह को रद्द कर दिया।
मामला क्या था?
पुणे के एक जोड़े की शादी बड़े ही धूमधाम और कानूनी रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। दोनों परिवारों को लगा कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत हो रही है, लेकिन दुल्हन के लिए यह अनुभव किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। महिला का आरोप था कि शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी पति ने उसके साथ कभी शारीरिक संबंध नहीं बनाए।
शुरुआत में पत्नी को लगा कि शायद पति स्वभाव से शर्मीले हैं या उन्हें तालमेल बिठाने में समय लग रहा है। लेकिन जब महीनों और फिर साल बीत गए और पति लगातार दूरी बनाता रहा, तो महिला को अहसास हुआ कि यह रिश्ता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
कोर्ट रूम में पति का कबूलनामा
जब मामला अदालत पहुंचा, तो स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। जज बी. डी. कदम के सामने सुनवाई के दौरान, महिला ने भावुक होते हुए कहा कि उसने रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पति की अरुचि ने उसे टूटने पर मजबूर कर दिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि पति ने भी इन आरोपों को नकारा नहीं। उसने लिखित हलफनामे में स्वीकार किया कि विवाह के बाद उनके बीच कभी भी शारीरिक संबंध स्थापित नहीं हुए।
कानून ने क्या दिया फैसला?
चूँकि दोनों पक्षों ने तथ्यों को स्वीकार कर लिया था, इसलिए अदालत ने मामले को लंबा खींचना उचित नहीं समझा। हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) के प्रावधानों का उपयोग करते हुए, कोर्ट ने माना कि जहाँ विवाह का मूल आधार (साहचर्य और शारीरिक संबंध) ही गायब हो, वहां उसे ढोना व्यर्थ है। दोनों की सहमति और पति के बयान के आधार पर, कोर्ट ने इस शादी को कानूनी रूप से निरस्त (Annulled) कर दिया, जिससे दोनों अब अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र हैं।
