शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने की अहम टिप्पणी, जानिए कितनी हो सकती है सजा
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 03:57 PM (IST)
नेशनल डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने सोमवार को एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान शादी से पहले शारीरिक संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब तक शादी नहीं होती, लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी ही रहते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। यह बयान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ ने उस मामले में दिया, जिसमें किसी व्यक्ति पर शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप था।
पूरा मामला
शिकायतकर्ता महिला की मुलाकात 2022 में एक मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए आरोपी से हुई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर दिल्ली और दुबई में कई बार संबंध बनाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी सहमति के बिना प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किए गए और विरोध करने पर वायरल करने की धमकी दी गई।
बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और जनवरी 2024 में उसने पंजाब में दूसरी शादी कर ली। निचली अदालत और दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की।
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कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि महिला आरोपी के साथ दुबई क्यों गई। जब बताया गया कि दोनों शादी की योजना बना रहे थे, तो जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर महिला विवाह को लेकर गंभीर थी तो उसे शादी से पहले साथ नहीं जाना चाहिए था। पीठ ने यह भी कहा कि संभव है कि यह पुराने विचारों के अनुसार हो, लेकिन शादी से पहले किसी पर पूरी तरह भरोसा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने संकेत दिया कि मामला आपसी सहमति से बने संबंधों का प्रतीत होता है और लंबी सुनवाई की बजाय समझौते की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी तय की गई है।
क्या शादी से पहले संबंध बनाना अपराध है?
- सिर्फ सहमति से संबंध बनाना अपराध नहीं है।
- लेकिन अगर संबंध झूठे वादे, धोखे, दबाव या पहचान छुपा कर बनाए गए हों, तो मामला अपराध बन सकता है।
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 415 और 420 और शादी का झूठा वादा करने वाले मामलों में धारा 69 के तहत आरोपी को 10 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। इस प्रावधान में नौकरी, प्रमोशन या अन्य झूठे लालच देकर बनाए गए रिलेशन भी शामिल होते हैं।
