क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? जिसने महज कुछ ही दिनों में बनाए एक लाख से ज्यादा मेंबर, जानें कौन है इसका मास्टरमाइंड

punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 01:27 AM (IST)

नेशनल डेस्कः भारतीय सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब नाम वाली पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) जबरदस्त तरीके से वायरल हो रही है। महज कुछ ही दिनों के भीतर इस डिजिटल आंदोलन से 1 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक (Satirical) समूह है जो इंटरनेट मीम्स और हास्य के जरिए देश की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठा रहा है।

एक 'मजाक' से शुरू हुआ बड़ा आंदोलन
इस पार्टी की शुरुआत एक इंटरनेट जोक के तौर पर हुई थी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जुड़ी एक टिप्पणी, जिसमें कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल हुआ था, के बाद यह नाराजगी एक आंदोलन में बदल गई। हालाँकि बाद में इस पर स्पष्टीकरण भी आया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर युवाओं का गुस्सा फूट चुका था।

कौन है इसका मास्टरमाइंड?
इस 'पार्टी' की नींव 30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने रखी है, जो वर्तमान में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री कर रहे हैं। दिपके पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम रखने का मकसद यह संदेश देना है कि यदि युवाओं को कॉकरोच कहा जा रहा है, तो वे इसी पहचान को अपनाकर अपनी आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि कॉकरोच तभी बाहर आते हैं जब व्यवस्था में 'सड़न' और 'गंदगी' हो।

अनोखा मैनिफेस्टो: दल-बदलू नेताओं पर 20 साल का बैन
भले ही यह पार्टी व्यंग्य पर आधारित हो, लेकिन इसके मैनिफेस्टो (घोषणापत्र) में कुछ बेहद गंभीर माँगें शामिल की गई हैं:

  • मंत्रिमंडल में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया जाए।
  • पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों (MLAs/MPs) पर 20 साल का चुनाव प्रतिबंध लगे।
  • मुख्य न्यायाधीशों के लिए रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट पर पाबंदी हो।
  • 'गोदी मीडिया' के एंकरों के बैंक खातों की जांच की जाए।
  • NEET और CBSE जैसी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद भी हुए शामिल
इस वायरल ट्रेंड ने तब और जोर पकड़ा जब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर इस पार्टी के साथ मजे लिए। कीर्ति आजाद ने जब योग्यता पूछी, तो पार्टी ने जवाब दिया कि "1983 का विश्व कप जीतना काफी है"। वहीं महुआ मोइत्रा ने भी इस पर चुटकी लेते हुए अपनी सदस्यता की इच्छा जताई।

'आलसी और बेरोजगार' ही बन सकते हैं सदस्य
पार्टी की वेबसाइट खुद को "आलसियों और बेरोजगारों की आवाज" बताती है। इसके सदस्य बनने के लिए योग्यताएं भी काफी दिलचस्प हैं: व्यक्ति को 'बेरोजगार', 'आलसी', 'इंटरनेट का शौकीन' और 'प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालने वाला' होना चाहिए। एआई (AI) टूल्स की मदद से बनी इस पार्टी की विचारधारा गांधी, अंबेडकर और नेहरू से प्रेरित बताई गई है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News