अग्निपथ के विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के बाद जांच के दायरे में कोचिंग के सेंटर

punjabkesari.in Friday, Jun 24, 2022 - 12:05 PM (IST)

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में अग्निपथ के विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के बाद सुरक्षाबलों की कोचिंग के लिए खोले गए सेंटर भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अलीगढ़ के बड़े यंग इंडिया कोचिंग सेंटर के मालिक सुधीर शर्मा को हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। अलीगढ़ जिले में 76 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 68 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कम से कम 11 कोचिंग सेंटरों के संचालक हैं। कोचिंग सेंटर संचालकों की अधिकांश गिरफ्तारी टप्पल क्षेत्र से हुई है।

दिल्ली के आसपास के सेंटर भी बंद
अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसक रूप लेने के बाद अलीगढ़ में कोचिंग सेंटरों की जांच के साथ अब ऐसे कई केंद्र अब बंद हो गए हैं। जांच के डर से दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर टप्पल और उसके आसपास के सभी केंद्रों के शटर बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि निकटवर्ती गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर में भी हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद करीब एक सप्ताह से केंद्र बंद कर दिए गए हैं। यंग इंडिया कोचिंग सेंटर कई परीक्षाओं जैसे सेना सेवाएं, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे, यूपी सब-इंस्पेक्टर, यूपी पुलिस कांस्टेबल, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, वायु सेना, और यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा और अन्य के लिए कोचिंग प्रदान करता है। क्षेत्र के छोटे केंद्र पुलिस सेवाओं की तैयारी की पेशकश करते हैं।

जांच के लिए एक विशेष समिति गठित
एसपी (ग्रामीण) पलाश बंसल ने मीडिया में दिए एक बयान में कहा है कि अलीगढ़ जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र में अपंजीकृत कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है और वे जांच के दायरे में हैं। क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवक सशस्त्र बलों की तैयारी में लगे हुए हैं और कई ने अपनी तैयारी के तहत इन केंद्रों का लाभ उठाया है। जानकारी के मुताबिक टप्पल और पड़ोसी शहर जट्टारी के बीच में 11 कोचिंग सेंटर हैं, जो अब बंद हो चुके हैं। इनमें दाखिला लेने वाले ज्यादातर लड़के कंसेरा, जीकरपुर, जहानगढ़ और हेतलपुर जैसे आसपास के गांवों से हैं, जो सेना की तैयारी कर रहे हैं।

कोचिंग सेंटर में खर्चा एक लाख के करीब
टप्पल का एक 23 वर्षीय युवक पिछले दो वर्षों से जिले के एक अन्य शहर इगलास के एक आवासीय कोचिंग सेंटर के अंदर और बाहर रहा है। उनका अनुमान है कि वह अब तक कोचिंग पर करीब 1 लाख रुपये खर्च कर चुका है। उसने बताया कि वह 18 साल की उम्र से तैयारी कर रहा है और उसने 2020 में फिजिकल टेस्ट पास कर लिया है। वह कहता है कि जब भी सेना की परीक्षा की तारीख की घोषणा की जाएगी, मैं कोचिंग सेंटर में शामिल हो जाऊंगा, जहां वे दो महीने के लिए लगभग 20,000-25,000 रुपये लेते हैं। केंद्र में 200 अन्य लड़के थे, यह एक बड़ा सेंटर था, जो अब विरोध के बाद बंद हो गया है। युवा अग्निपथ योजना की घोषणा से नाखुश हैं लेकिन फिर भी इसके लिए नामांकन करेंगे। वह कहते हैं कि वे खुश तो नहीं है पर उन्होंने तैयारी में इतना समय और पैसा खर्च किया है, और उन्हें काम करने की जरूरत है।


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Content Writer

Anil dev

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