ग्रीन कार्ड पर बड़ा झटका:अमेरिका में भारतीय निवेशकों पर गिरी गाज, EB-5 वीजा पर USCIS का नया नियम हो रहा लागू
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 11:59 AM (IST)
Washngton: अमेरिका में निवेश कर आगे चलकर स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने की योजना बना रहे प्रवासियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अमेरिकी सरकार ने ईबी-5 निवेशक कार्यक्रम के तहत आवेदन शुल्क में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई फीस 30 नवंबर से प्रभावी होगी और इससे भारतीय निवेशकों तथा उनके परिवारों की लागत भी बढ़ेगी। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS ) ने मंगलवार को इस संबंध में अंतिम नियम जारी किया। इसके तहत ईबी-5 वीजा के लिए शुरुआती आवेदन शुल्क दोगुने से भी अधिक बढ़ जाएगा।
अकेले निवेश करने वालों की फीस बढ़ी
नई व्यवस्था के तहत अकेले निवेश करने वाले आवेदकों के लिए फॉर्म I-526 की फीस 3,675 डॉलर से बढ़ाकर 7,615 डॉलर कर दी जाएगी। वहीं, स्वीकृत क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से निवेश करने वाले आवेदकों के लिए शुरुआती आई-526 फीस 3,675 डॉलर से बढ़कर 7,850 डॉलर हो जाएगी। इसके अलावा शुरुआती आई-526 और आई-526ई याचिकाओं पर 75 डॉलर का अतिरिक्त प्रौद्योगिकी शुल्क भी देना होगा।
क्या है EB-5 निवेशक कार्यक्रम?
अमेरिका का EB-5 निवेशक कार्यक्रम उन विदेशी निवेशकों और उनके निकटतम परिवार के सदस्यों को स्थायी निवास हासिल करने का अवसर देता है, जो अमेरिका में निर्धारित शर्तों के तहत निवेश करते हैं और अमेरिकी कामगारों के लिए कम से कम 10 पूर्णकालिक नौकरियां पैदा करते हैं। यह कार्यक्रम भारतीय उद्यमियों और उनके परिवारों के लिए अमेरिका में निवेश के साथ स्थायी निवास हासिल करने के रास्तों में से एक रहा है। यूएससीआईएस के अंतिम नियम के मुताबिक नई फीस 30 नवंबर से लागू होगी। इसका मतलब है कि उस तारीख के बाद दाखिल किए जाने वाले संबंधित आवेदनों पर बढ़ी हुई फीस लागू होगी।अमेरिकी प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाने के पीछे एजेंसी के संचालन और आव्रजन आवेदनों की जांच से जुड़ी लागत को प्रमुख कारण बताया गया है।
नई फीस की घोषणा करते हुए USCIS ने कहा कि एजेंसी का वित्तपोषण मुख्य रूप से आवेदन शुल्क से होता है, न कि करों से। एजेंसी के अनुसार, आवेदन की समीक्षा, पृष्ठभूमि की जांच, पात्रता का सत्यापन, धोखाधड़ी की पहचान और कार्यक्रम के संचालन को बनाए रखने से जुड़ी लागत उन लोगों से वसूली जानी चाहिए जो अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था का इस्तेमाल करते हैं। इस फीस बढ़ोतरी के चलते अमेरिका में निवेश के जरिए स्थायी निवास हासिल करने की योजना बना रहे विदेशी आवेदकों को पहले की तुलना में अधिक शुरुआती खर्च उठाना पड़ेगा।
