ग्रीन कार्ड पर अमेरिका का U-Turn: ट्रंप ने बदल दी गेम, लाखों प्रवासी भारतीयों को मिली बड़ी राहत
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 12:42 PM (IST)
International Desk: अमेरिका में स्थायी नागरिकता ग्रीन कार्ड (Green Card) पाने की कोशिश कर रहे लाखों प्रवासियों, खासकर भारतीयों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अपने उस बयान को नरम कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका में रह रहे गैर-नागरिकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु अपने मूल देश लौटना होगा।
क्या था विवाद?
22 मई को ट्रंप प्रशासन के प्रवक्ता जैक कैलर ने कहा था कि अमेरिका में अस्थायी वीजा पर रह रहे विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले अपने देश वापस जाना होगा, सिवाय "असाधारण परिस्थितियों" के। इस बयान से अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों, H-1B वर्क वीजा धारकों, छात्रों और अन्य प्रवासियों में चिंता बढ़ गई थी। आशंका थी कि ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के लिए उन्हें भारत लौटना पड़ सकता है, जिससे नौकरी, परिवार और इमिग्रेशन स्टेटस पर असर पड़ सकता है।
नया बदलाव
अब होमलैंड सुरक्षा विभाग(DHS) ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी आवेदकों पर लागू नहीं होगा। प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी और निर्णय "केस-बाय-केस" आधार पर लिया जाएगा। यानी अमेरिका में मौजूद अधिकांश योग्य आवेदक अभी भी स्थिति का समायोजन "Adjustment of Status" प्रक्रिया के तहत देश छोड़े बिना ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
भारतीयों के लिए इसके मायने
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कोई नया कानून नहीं बल्कि पुराने नियमों की पुनर्व्याख्या है। अधिकारियों के अनुसार, योग्य और कानूनी तरीके से आवेदन करने वाले उच्च-कुशल पेशेवरों पर इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत अमेरिका को सबसे अधिक H-1B पेशेवर भेजने वाला देश है। हजारों भारतीय वर्षों से ग्रीन कार्ड की लंबी प्रतीक्षा सूची में हैं। यदि मूल घोषणा पूरी तरह लागू होती तो
- लाखों भारतीय पेशेवर प्रभावित हो सकते थे।
- अमेरिका में नौकरी और परिवार से अस्थायी रूप से अलग होना पड़ सकता था।
- ग्रीन कार्ड प्रक्रिया और जटिल हो सकती थी।
- वीजा स्टेटस से जुड़े कानूनी जोखिम बढ़ सकते थे।
- लेकिन नए स्पष्टीकरण के बाद तत्काल व्यापक प्रभाव की आशंका कम हो गई है।
गौरतलब है कि अमेरिका में सबसे बड़ा विदेशी पेशेवर समुदाय भारतीयों का है। हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और आईटी पेशेवर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। भारतीयों के लिए रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा अवधि पहले ही कई वर्षों, कुछ मामलों में दशकों तक पहुंच चुकी है।इसलिए किसी भी इमिग्रेशन नीति बदलाव का सबसे बड़ा असर भारतीय समुदाय पर पड़ता है।
