ब्रेकअप से नाराज भारतीय छात्र ने अमेरिकी गर्लफ्रेंड की हत्या की, जर्मनी में गिरफ्तार

punjabkesari.in Monday, Aug 10, 2026 - 07:05 AM (IST)

नई दिल्ली: एरिजोना के टक्सन में अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या के आरोपी एक भारतीय छात्र को जर्मनी में तब गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने देश लौटने के लिए कनेक्टिंग फ़्लाइट लेने वाला था। यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिजोना में बिज़नेस एनालिटिक्स के छात्र, 20 वर्षीय वरुण बाचीगारी पर आरोप है कि उसने 6 अगस्त को टक्सन के एक अपार्टमेंट में अपनी 19 वर्षीय गर्लफ्रेंड जुलिसा रूबी सालाज़ार की हत्या कर दी।

टक्सन पुलिस डिपार्टमेंट (TPD) के अनुसार, बाचीगारी टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट गया और वहाँ से जर्मनी के लिए फ़्लाइट ली, ताकि आगे भारत जा सके। जांचकर्ताओं ने बाचीगारी के ख़िलाफ़ फ़र्स्ट-डिग्री मर्डर और अपहरण के आरोप में गिरफ़्तारी वारंट हासिल किया। टक्सन पुलिस ने एक बयान में कहा, "TPD, FBI टक्सन ऑफ़िस और बर्लिन में FBI लीगल अताशे ऑफ़िस के बीच करीबी तालमेल के ज़रिए, जर्मनी पहुँचते ही बाचीगारी को हिरासत में ले लिया गया, जिससे उसकी आगे की यात्रा रुक गई।"

जांचकर्ताओं का आरोप है कि हत्या के बाद बाचीगारी ने सालाज़ार का सेलफ़ोन और क्रेडिट कार्ड चुरा लिया और अपराध को छिपाने की कोशिश में उसकी माँ को कई टेक्स्ट मैसेज भेजे, जिसमें वह खुद को सालाज़ार बता रहा था। इन मैसेज से सालाज़ार के परिवार को चिंता हुई और उन्होंने उसकी खैर-खबर लेने के लिए जाँच करवाई, जिसके बाद अधिकारियों को उसकी लाश मिली।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टक्सन फायर डिपार्टमेंट (TFD) को 6 अगस्त को शाम करीब 4 बजे कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) की सूचना मिली थी। टीम को सालाज़ार अपने अपार्टमेंट के फ़र्श पर मृत मिली और उसके गले तक कंबल ओढ़ा हुआ था। सालाज़ार के गले पर गला घोंटने के निशान और खरोंचें थीं, इसलिए TFD की टीम ने शहर की पुलिस को बुलाया।

KOLD-TV को मिले वारंट के अनुसार, बाचीगारी पहले भी मारपीट के एक मामले में शामिल रहा था, जिसकी जाँच यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिजोना पुलिस डिपार्टमेंट ने की थी। जांचकर्ताओं द्वारा पूछताछ किए गए गवाहों ने बताया कि सालाज़ार 2025 के आखिर में बाचीगारी के साथ समस्याओं के कारण अलग रहने लगी थी और घरेलू हिंसा के कथित इतिहास के कारण रिश्ता खत्म करने की योजना बना रही थी।

वारंट में कई गवाहों के ऐसे आरोप भी शामिल हैं जिनमें उसके पहले के हिंसक व्यवहार का ज़िक्र है। एक गवाह ने जाँचकर्ताओं को बताया कि बाचीगारी ने हैलोवीन पार्टी में उसका यौन उत्पीड़न किया था, लेकिन उसने कभी भी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस आरोप की सूचना नहीं दी। फॉक्स न्यूज़ द्वारा देखे गए फ़ेडरल रिकॉर्ड से पता चलता है कि कथित हत्या के समय बैचिगारी का इमिग्रेशन स्टेटस कानूनी था, भले ही उसे यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिज़ोना से निकाल दिया गया था। बैचिगारी को एरिज़ोना प्रत्यर्पित किए जाने का इंतज़ार है, जहाँ वारंट के आधार पर उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन कॉम्प्लेक्स में रखा जाएगा।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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