UAE तेल पोर्ट पर ईरानी हमले से भड़का भारत, कहा-“अपने नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं”, Iran ने फिर दिया दो टूक जवाब
punjabkesari.in Tuesday, May 05, 2026 - 12:38 PM (IST)
International Desk: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा (Fujairah) स्थित सबसे बड़े तेल केंद्र पर हुए हमले में भारतीय नागरिकों के घायल होने के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए साफ कहा कि अपने नागरिकों और आम लोगों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत ने शांति और कूटनीतिक समाधान की भी जोरदार अपील की है। फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र (Fujairah Petroleum Industries Zone) पर हुए ईरानी हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं।
Strongly condemn the attacks on the UAE that resulted in injuries to three Indian nationals. Targeting civilians and infrastructure is unacceptable.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2026
India stands in firm solidarity with the UAE and reiterates its support for the peaceful resolution of all issues through…
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने कहा कि नागरिकों और महत्वपूर्ण ढांचे पर हमला करना गलत है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। यूएई के अनुसार, इस हमले में 15 मिसाइल और 4 ड्रोन इस्तेमाल किए गए। ज्यादातर हमलों को रोक लिया गया, लेकिन एक ड्रोन तेल सुविधा में गिरा, जिससे आग लग गई और वहां काम कर रहे तीन भारतीय घायल हो गए। ईरान ने सीधे तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली।

तेहरान ने इन हमलों की न तो सीधे तौर पर पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया, लेकिन मंगलवार की सुबह ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर कहा कि अमेरिका और UAE दोनों को "फिर से किसी दलदल में घसीटे जाने से सावधान रहना चाहिए।" Abbas Araghchi ने कहा कि यह स्थिति अमेरिका की गतिविधियों के कारण बिगड़ी है। इसी तरह के अस्पष्ट शब्दों में, ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने पहले एक अज्ञात सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा था कि तेहरान की UAE या उसके किसी तेल क्षेत्र को निशाना बनाने की "कोई योजना नहीं" थी।
तेल सुविधा पर हुए हमले के बारे में अधिकारी ने कहा, "यह घटना एक अवैध रास्ता बनाने के लिए अमेरिकी सैन्य दुस्साहस का नतीजा थी," जिसका ज़ाहिर तौर पर इशारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ जो वैश्विक ऊर्जा के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है,को फिर से खोलने के हालिया प्रयासों की ओर था।यह घटना ऐसे समय में हुई है जब Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वहां फंसे जहाजों की मदद की बात कही है, जबकि ईरान इसे हस्तक्षेप मानता है।
